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Walmart की Flipkart कर्मचारियों पर जांच, ₹150 करोड़ की रिश्वत का आरोप

Walmart ने Flipkart कर्मचारियों पर वेंडरों से ₹150 करोड़ से ज्यादा की रिश्वत लेने के आरोपों की जांच शुरू की है। तीन साल से कम समय में यह तीसरी ऐसी जांच है।

Flipkart logo on a smartphone screen in front of a Walmart storefront, illustrating the corporate investigation.
छवि: Inc42 Media

अमेरिकी रिटेल दिग्गज Walmart ने अपनी सब्सिडियरी Flipkart के कर्मचारियों पर लगे आरोपों की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि कर्मचारियों ने वेंडरों से ₹150 करोड़ (करीब 16 मिलियन डॉलर) से ज्यादा की रिश्वत ली।

जांच व्हिसलब्लोअर शिकायतों के बाद शुरू हुई है, जो Flipkart के स्मार्टफोन और लगेज एवं ट्रैवल एक्सेसरीज़ (LTA) डिवीज़न के कर्मचारियों से जुड़ी हैं। मामले से परिचित लोगों के हवाले से बताया गया है कि कर्मचारियों ने कथित तौर पर वेंडरों से पैसे और फायदे लिए और बदले में उन्हें प्लेटफॉर्म पर तरजीह दी, जैसे ज्यादा विज़िबिलिटी, जिससे बिक्री बढ़ती थी।

B2B कारोबार के इस्तेमाल का आरोप

रिपोर्ट के मुताबिक कुछ कर्मचारियों ने इन व्यवस्थाओं के लिए Flipkart के B2B ऑपरेशंस का इस्तेमाल किया। स्मार्टफोन श्रेणी में जब डिवाइस एक कारोबार से दूसरे में जाते थे, तब कर्मचारियों ने कथित तौर पर वेंडरों से कमीशन लिया। जांच जारी है और गड़बड़ी की सही रकम और प्रकृति अभी तय नहीं हुई है।

Flipkart के प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी के पास मजबूत गवर्नेंस प्रक्रियाएं और नियंत्रण हैं और वह ईमानदारी व अनुपालन के उच्चतम मानकों के लिए प्रतिबद्ध है। प्रवक्ता के अनुसार, किसी भी चिंता को गंभीरता से लिया जाता है और तय प्रक्रिया से निपटाया जाता है।

रिपोर्ट के अनुसार, तीन साल से कम समय में Flipkart में कथित वित्तीय गड़बड़ी पर Walmart की यह तीसरी जांच है। करीब ढाई साल पहले LTA डिवीज़न की जांच में कम से कम तीन कर्मचारी बर्खास्त हुए थे। लगभग छह महीने पहले स्मार्टफोन डिवीज़न की एक जांच में एक कर्मचारी दोषी पाया गया, जिसने बर्खास्तगी से पहले इस्तीफा दे दिया।

दबाव में Flipkart

यह जांच ऐसे समय आई है जब कंपनी से वरिष्ठ अधिकारियों का जाना, पूर्व कर्मचारियों की ESOP लिक्विडिटी पर चिंता और IPO की अनिश्चितता जारी है। बीते एक साल में कम से कम 14 VP और सीनियर VP कंपनी छोड़ चुके हैं, जिनमें स्मार्टफोन VP कंचन मिश्रा, प्रोडक्ट-टेक्नोलॉजी VP अमित सचान और कॉरपोरेट टैक्स VP कमल चोपड़ा शामिल हैं।

Flipkart Group के CEO कल्याण कृष्णमूर्ति ने जुलाई में कहा था कि IPO की कोई समयसीमा तय नहीं है। FY26 में Flipkart Internet का समेकित परिचालन राजस्व 18% बढ़कर ₹1,45,880 करोड़ रहा, जबकि शुद्ध घाटा मामूली घटकर ₹8,468 करोड़ हुआ, जो FY25 में ₹8,646 करोड़ था।

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