Osegi
कारोबार·1 मिनट में पढ़ें

EU सीमा शुल्क सुधार: नवंबर से हर आइटम पर 2 यूरो का नया शुल्क

EU के सीमा शुल्क सुधार के तहत नवंबर की शुरुआत से हर आइटम पर 2 यूरो का अतिरिक्त शुल्क लगेगा। EU से बाहर से सीधा आयात महंगा हो सकता है।

Stacked cardboard parcels at a customs checkpoint, illustrating new EU fees on imports from outside the EU.
छवि: heise online

यूरोपीय संघ (EU) के सीमा शुल्क सुधार के तहत नवंबर की शुरुआत से एक नया शुल्क लागू हो रहा है। नियम के मुताबिक 2 यूरो का अतिरिक्त शुल्क हर पैकेज पर नहीं, बल्कि पार्सल में शामिल हर अलग वस्तु-श्रेणी यानी "Warenposition" पर लगेगा। इसका सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है जो EU से बाहर के देशों से सामान मंगवाते हैं।

पैकेज नहीं, आइटम के हिसाब से शुल्क

अब तक ज़्यादातर लोग आयात की लागत को पूरे पार्सल के आधार पर देखते थे। नई व्यवस्था में गणना का आधार बदल गया है। यदि एक ही शिपमेंट में अलग-अलग तरह की कई वस्तुएँ हैं, तो हर वस्तु-श्रेणी पर 2 यूरो अलग से जुड़ेंगे। यानी जितनी ज़्यादा अलग-अलग पोज़ीशन, उतना ज़्यादा कुल शुल्क। एक पैकेज में कई तरह की चीज़ें मंगवाने वालों के लिए यह फ़र्क़ अहम हो सकता है।

यह शुल्क मौजूदा लागतों के ऊपर अतिरिक्त होगा। इसलिए EU के बाहर के ऑनलाइन विक्रेताओं से सीधे खरीदारी करने वाले ग्राहकों को आने वाले दिनों में कुल कीमत पहले से ज़्यादा दिख सकती है। रिपोर्ट के अनुसार प्रत्यक्ष आयात "महंगे हो सकते हैं"; असल असर इस पर निर्भर करेगा कि किसी ऑर्डर में कितनी पोज़ीशन हैं।

उपभोक्ताओं के लिए क्या मायने रखता है

छोटे मूल्य के ऑर्डर पर 2 यूरो का शुल्क अनुपात में ज़्यादा भारी पड़ सकता है, खासकर जब एक ही ऑर्डर में कई सस्ती और अलग-अलग चीज़ें हों। ऐसे में खरीदारों के लिए ऑर्डर देने से पहले कुल लागत जाँच लेना समझदारी होगी।

नया शुल्क नवंबर की शुरुआत से लागू होगा, इसलिए उसके बाद के आयात पर इसका असर दिखना शुरू होगा। शुल्क की बारीकियों और उसके व्यावहारिक असर की तस्वीर आने वाले हफ़्तों में स्पष्ट होगी।

टैग:eu customs reformimport feeparcelse-commercenon-eu imports

इसी दिन की और ख़बरें

सभी देखें →

और पढ़ें:: कारोबार

सभी देखें →