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OfBusiness IPO: कॉमर्स से 93% राजस्व, पर मुनाफे में Oxyzo आगे

IPO की तैयारी में जुटी OfBusiness को 93% राजस्व कॉमर्स से मिलता है, लेकिन Oxyzo की अगुआई वाला लेंडिंग कारोबार सेगमेंट मुनाफे का आधे से ज़्यादा देता है।

Steel coils and a digital lending dashboard illustrating OfBusiness's commerce and financing operations ahead of its IPO.
छवि: Inc42 Media

शेयर बाज़ार में उतरने की तैयारी कर रही OfBusiness की कमाई का ढांचा असामान्य है। कंपनी का ज़्यादातर राजस्व एक कारोबार से आता है, जबकि ज़्यादातर मुनाफा दूसरे से। FY26 में कंपनी के ₹20,472 करोड़ के कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग राजस्व में कॉमर्स की हिस्सेदारी 93% रही, लेकिन Oxyzo की अगुआई वाले फाइनेंशियल सर्विसेज़ कारोबार ने सेगमेंट के प्री-टैक्स मुनाफे का आधे से अधिक हिस्सा दिया।

फाइनेंशियल सर्विसेज़ का प्रॉफिट बिफोर टैक्स ₹505 करोड़ रहा, जबकि कॉमर्स का ₹422 करोड़। FY26 में कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग राजस्व करीब 8% घटा, पर शुद्ध मुनाफा 21% बढ़कर ₹724 करोड़ हो गया। कंपनी और Oxyzo, दोनों अलग-अलग यूनिकॉर्न बन चुके हैं।

कॉमर्स में सिकुड़ती बिक्री, सुधरता मार्जिन

कॉमर्स कारोबार तीन परतों पर चलता है: कच्चे माल की ट्रेडिंग, मैन्युफैक्चरिंग और तैयार उत्पाद। FY26 में 12,000 से अधिक SME और उभरती कंपनियों ने OfCommerce पर 103 उत्पादों में लेनदेन किया। सबसे बड़ी श्रेणी मेटल की बिक्री 20% घटकर ₹10,434 करोड़ रही। केमिकल 4% बढ़कर ₹3,663 करोड़ और फूड प्रोसेसिंग व अन्य उत्पाद 55% गिरकर ₹1,636 करोड़ रहे। कंपनी के अनुसार कम रिटर्न वाली श्रेणियों से बाहर निकलना रणनीति का हिस्सा था, पर शेयरधारक पत्र में माइल्ड स्टील के कम दाम और दो मेगा प्रोजेक्ट में देरी का भी ज़िक्र है।

बिक्री घटने के बावजूद कमाई सुधरी। कॉमर्स राजस्व 9.7% घटकर ₹19,056 करोड़ रहा, पर अन्य आय को छोड़कर सेगमेंट रिज़ल्ट ₹303 करोड़ से बढ़कर ₹527 करोड़ हो गया। सह-संस्थापक आशीष मोहापात्रा के मुताबिक कॉमर्स EBITDA 37.9% बढ़कर ₹769 करोड़ रहा। कंपनी चुनिंदा श्रेणियों में खुद मैन्युफैक्चरिंग कर रही है; मेटल में 26 में से छह उत्पाद इन-हाउस बनते हैं और स्ट्रक्चरल-स्टील क्षमता 1 लाख से बढ़ाकर 5 लाख टन सालाना की गई है।

अपैरल सबसे तेज़ बढ़ती श्रेणी

फैशन की बिक्री FY25 के ₹376 करोड़ से बढ़कर FY26 में ₹2,828 करोड़ हो गई, यानी सात गुना से ज़्यादा। BidAssist के 17 लाख सब्सक्राइबर और AI आधारित Nexizo SME तक शुरुआती पहुंच देते हैं। आगे सवाल यह है कि क्या कॉमर्स बिना कमोडिटी कीमतों के सहारे अपना सुधार बनाए रख पाएगा।

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