NASA के 25 साल पुराने Mars Odyssey और MRO अब भी सक्रिय
Mars Odyssey और Mars Reconnaissance Orbiter को कुछ ही साल के लिए बनाया गया था। NASA अब खास तरकीबों से दोनों को चला रही है, पर उनके उत्तराधिकारियों को लेकर चिंता है।

NASA का 2001 Mars Odyssey यान 24 अक्टूबर 2001 को मंगल की कक्षा में पहुंचा था और 25 साल बाद भी काम कर रहा है। 2006 से सक्रिय Mars Reconnaissance Orbiter (MRO) के साथ मिलकर यह मंगल अभियानों में शोध और संचार की रीढ़ बना हुआ है। MRO का संचालन कैलिफोर्निया के पसाडेना स्थित Jet Propulsion Laboratory (JPL) करती है।
रिले स्टेशन की अहम भूमिका
Lockheed Martin के अनुसार Odyssey मंगल की 1,00,000 से ज्यादा परिक्रमाएं कर चुका है और इन्फ्रारेड कैमरे से दस लाख से अधिक तस्वीरें ले चुका है। मंगल की सतह पर मौजूद रोवर की ट्रांसमिशन क्षमता इतनी नहीं है कि वे करीब 22.5 करोड़ किलोमीटर दूर पृथ्वी तक भारी डेटा सीधे भेज सकें। इसलिए Odyssey और MRO अल्ट्रा-हाई फ्रीक्वेंसी पर रिले का काम करते हैं। Purdue University की ग्रह वैज्ञानिक Briony Horgan दोनों यानों को NASA के पूरे मंगल कार्यक्रम के लिए “निर्णायक” बताती हैं।
इनकी लंबी उम्र 1999 की दो विफलताओं से जुड़ी है, जब “तेज, बेहतर, सस्ता” नीति के दौरान NASA ने दो मंगल यान गंवा दिए। Mars Climate Orbiter इकाइयों की गड़बड़ी से वायुमंडल में जल गया, जबकि Mars Polar Lander सॉफ्टवेयर त्रुटि के कारण सतह से टकरा गया। JPL के प्रोजेक्ट मैनेजर Glen Havens के मुताबिक Odyssey की टीम के सामने ये विफलताएं हमेशा रहीं। इसलिए बोर्ड कंप्यूटर और बिजली आपूर्ति जैसे अहम हिस्से दोहरे रखे गए, साथ ही बैटरी और ईंधन का अतिरिक्त भंडार भी रखा गया।
उम्र से पैदा हुई नई समस्याएं
कभी-कभी लंबी उम्र खुद नई दिक्कतें खड़ी करती है। MRO स्टार सेंसर से अपना रुख तय करता है, जो आकाश की तुलना ऑनबोर्ड स्टार मैप से करते हैं। MRO के मुख्य इंजीनियर Paul Fieseler के अनुसार यान इतना पुराना हो चुका है कि कुछ तारे आकाश में थोड़ा खिसक गए हैं। इसलिए पिछले साल इंजीनियरों ने रेडियो से सुधारा हुआ स्टार मैप अपलोड किया।
Odyssey में सबसे बड़ा जोखिम हाइड्रैजीन ईंधन खत्म होने का है, जबकि उसमें कोई पारंपरिक फ्यूल गेज नहीं है। जमीनी टीम टैंक हीटर चालू करके तापमान बढ़ने की गति से बचा ईंधन आंकती है, क्योंकि भरा टैंक धीरे गर्म होता है।
उत्तराधिकारियों पर चिंता
जोखिम कितनी जल्दी सामने आ सकता है, यह Maven ने दिखाया। दिसंबर 2025 में संपर्क टूटने के बाद NASA को जून 2026 में इस मात्र 11 साल पुराने यान को छोड़ना पड़ा। सितंबर 2026 की घोषणा के अनुसार NASA ने Blue Origin को 2028 तक मंगल के लिए केवल संचार उपग्रह बनाने का काम सौंपा है, जिसमें कोई वैज्ञानिक उपकरण नहीं होगा। Escapade और Skyfall जैसे आगामी मिशन भी छोटे और सस्ते होंगे। Escapade के प्रमुख Rob Lillis मानते हैं कि यह “अच्छे विज्ञान के लिहाज से बहुत छोटा होने की सीमा” पर है, और Horgan इसे 1990 के दशक के लागत दबाव की वापसी मानती हैं।
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