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Google ने ऑर्बिट में TPU पर चलाया Gemma 4, Suncatcher का टेस्ट

Google को सैटेलाइट पर लगी डेटा सेंटर श्रेणी की TPU पर चल रहे Gemma 4 मॉडल से जवाब मिला है। यह Project Suncatcher की स्पेस कंप्यूटिंग योजना का पहला कदम है।

A small satellite in Earth orbit with solar panels, symbolizing Google's experiment running AI on a TPU chip in space.
छवि: xataka.com

Google ने 30 अक्टूबर को घोषणा की कि उसे ऑर्बिट से अपने ओपन मॉडल Gemma 4 का जवाब मिला है। यह जवाब डेटा सेंटर श्रेणी की टेंसर प्रोसेसिंग यूनिट (TPU) पर तैयार हुआ। सैटेलाइट Planet के साथ मिलकर बनाया गया है और 1 अक्टूबर को SpaceX के मिशन से लॉन्च हुआ था। यह Google की स्पेस कंप्यूटिंग रिसर्च पहल Project Suncatcher का हिस्सा है।

फिलहाल इसे अंतरिक्ष में काम करता डेटा सेंटर नहीं कहा जा सकता। टेस्ट काफ़ी सरल था: शोधकर्ताओं ने ग्राउंड स्टेशन से संपर्क की खिड़की में सैटेलाइट को अंतरिक्ष में होने पर हाइकु लिखने का निर्देश भेजा। जवाब तब आया, जब सैटेलाइट नॉर्वे के Svalbard के पास से गुज़र रहा था। अंग्रेज़ी से अनूदित पंक्तियाँ थीं: "नीचे नीला गोला", "डेटा बहता है शांत सुघड़ता से" और "तारों की रोशनी मेरे कोर को ऊर्जा देती है"। असली मक़सद यह जाँचना था कि सिस्टम ऑर्बिट में अनुरोध प्रोसेस करके नतीजा धरती तक भेज सकता है।

पहली बार नहीं, पर एक नया दावा

ऑर्बिट में AI चलना नई बात नहीं है। 2020 में यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के Φsat-1 मिशन ने बादलों से ढकी तस्वीरें छाँटने के लिए AI इस्तेमाल किया था। नवंबर 2025 में Starcloud ने NVIDIA H100 GPU वाला सैटेलाइट लॉन्च किया और अगले महीने बताया कि उस पर Google का Gemma मॉडल चलाया गया। Google का नया दावा यह है कि उसने अंतरिक्ष में डेटा सेंटर श्रेणी की TPU से जवाब हासिल किया है। प्रोटोटाइप में चार TPU हैं, पर TechCrunch के अनुसार एक समय में केवल एक ही, क़रीब 20 मिनट तक इस्तेमाल हो सकती है।

Project Suncatcher का लक्ष्य कहीं बड़ा है: प्रोसेसर वाले सैटेलाइट का वितरित नेटवर्क, जो ऑप्टिकल लिंक से जुड़कर AI काम चलाए। Google के अनुमान के मुताबिक़ कुछ ऑर्बिट में लगभग लगातार धूप मिलने से समान सोलर पैनल धरती की तुलना में आठ गुना तक बिजली दे सकते हैं।

चुनौतियाँ भी हैं। निर्वात में गर्मी ले जाने वाली हवा नहीं होती, इसलिए Google हीट पाइप और रेडिएटर पर काम कर रहा है, जिन्हें वैक्यूम चैंबर में परखा जा चुका है। अंतरिक्ष विकिरण सर्किट को प्रभावित कर सकता है, जिसके ज़मीनी परीक्षण हुए हैं। लंबे समय तक हार्डवेयर का व्यवहार और लागत अभी साबित होना बाक़ी है।

हाइकु के बाद शोधकर्ताओं ने अन्य अंतरिक्ष-थीम कविताएँ और सैटेलाइट की तकनीकी स्थिति जानने वाले अनुरोध आज़माए। अब वे ऑर्बिट में तापीय तनाव और विकिरण के असर के परीक्षण की तैयारी कर रहे हैं। अगला घोषित लक्ष्य 2027 में दो आपस में जुड़े सैटेलाइट के साथ प्रयोग है।

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