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Bijnis बना Zorit, B2B क्विक कॉमर्स के लिए जुटाए ₹27 करोड़

दिल्ली की B2B स्टार्टअप Bijnis ने नाम बदलकर Zorit किया और Sparrow Capital की अगुवाई में ₹27 करोड़ जुटाए। पैसा ऑफलाइन रिटेलरों के लिए क्विक कॉमर्स पर लगेगा।

A dark store worker packing groceries and consumer goods for delivery to neighbourhood retailers in an Indian city.
छवि: Inc42 Media

दिल्ली की B2B ईकॉमर्स स्टार्टअप Bijnis ने खुद को नए नाम Zorit के साथ री-ब्रांड किया है। कंपनी ने Sparrow Capital की अगुवाई वाले फंडिंग राउंड में ₹27 करोड़ जुटाए हैं। यह रकम ऑफलाइन रिटेलरों के लिए इन्वेंटरी-आधारित क्विक कॉमर्स मॉडल को मजबूत करने में लगेगी।

कौन-कौन निवेशक

कंपनी के प्रेस नोट के मुताबिक राउंड में मौजूदा निवेशक Info Edge और WaterBridge Ventures के साथ Better Capital शामिल रहे। एंजेल निवेशकों में Shaadi.com के संस्थापक अनुपम मित्तल, Shiprocket के संस्थापक, Xpressbees के सीईओ मोहित सरदाना और SoftBank के सार्थक मिश्रा भी हैं। नया पैसा क्विक कॉमर्स इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रोडक्ट रेंज और रिटेलरों से जुड़ाव बढ़ाने पर खर्च होगा।

मॉडल में बदलाव

साल 2015 में सिद्धार्थ विज, चैतन्य राठी, सिद्धार्थ रस्तोगी और सचिन चौहान ने इसकी शुरुआत की थी। तब यह निर्माताओं को रिटेलरों से जोड़ने वाला डिजिटल मार्केटप्लेस था। 2024 के आखिर में कंपनी इन्वेंटरी-आधारित B2B क्विक कॉमर्स की ओर मुड़ी और स्थानीय डार्क स्टोर में माल रखने लगी। Bijnis के रूप में उसने कुल 4.3 करोड़ डॉलर से ज्यादा जुटाए थे, जिसमें 3 करोड़ डॉलर का एक राउंड भी था, लेकिन 2023 तक वह गंभीर परिचालन और वित्तीय संकट में फंस गई थी। Info Edge ने 2023 में Bijnis में लगाए अपने पूरे ₹76.6 करोड़ बट्टे खाते में डाल दिए थे।

अब रिटेलर पास के डार्क स्टोर से माल मंगा सकते हैं और डिलीवरी 60 मिनट में हो सकती है। पुराने ऑनलाइन B2B मॉडल में यह सात-आठ दिन लेती थी, जबकि स्थानीय थोक कारोबारी आम तौर पर 24-48 घंटे में माल पहुंचाते हैं।

आंकड़े

Zorit का दावा है कि वह 12 शहरों में 12 डार्क स्टोर चलाती है और उसकी सालाना बिक्री का रन रेट ₹120 करोड़ तक पहुंचा है। कंपनी के अनुसार करीब आधे स्टोर ब्रेक-ईवन पर हैं, जिसमें बिना बिके माल को निकालने की लागत भी शामिल है। मासिक ऑर्डर की आवृत्ति पिछले मॉडल से पांच गुना हुई है और छठे महीने के बाद रिटेलर रिटेंशन चार गुना बेहतर हुआ है।

सह-संस्थापक और सीईओ सिद्धार्थ विज ने कहा कि करीब 60% रिटेलर ऐसे हैं जिन्होंने पहले कभी ऑनलाइन B2B प्लेटफॉर्म इस्तेमाल नहीं किया था। Info Edge Ventures की पार्टनर किट्टी अग्रवाल के मुताबिक निर्माता-केंद्रित दृष्टिकोण अब छोटे रिटेलरों के लिए शक्तिशाली क्विक कॉमर्स परत बन गया है।

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