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MuRay को €7.1 मिलियन की फंडिंग, रॉकेट इंजन की जांच करेगी मुओन इमेजिंग

हैम्बर्ग की डीपटेक कंपनी MuRay ने €7.1 मिलियन जुटाए हैं। इस रकम से Active Muon Imaging तकनीक औद्योगिक ग्राहकों तक पहुंचेगी, शुरुआत रॉकेट इंजन और टर्बाइन से होगी।

Engineers examine a 3D-printed metal rocket engine component beside an industrial imaging system in a laboratory.
छवि: Tech.eu

हैम्बर्ग स्थित डीपटेक कंपनी MuRay ने अपनी Active Muon Imaging तकनीक को आगे बढ़ाने और औद्योगिक ग्राहकों तक ले जाने के लिए कुल €7.1 मिलियन की फंडिंग जुटाई है।

इसमें €3.5 मिलियन का निजी निवेश राउंड शामिल है, जिसका नेतृत्व First Momentum Ventures ने किया। Marvel Fusion की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी Caelora सह-लीड रही। Superangel, Mätch VC, Arcas VC और Tiny VC के साथ मौजूदा निवेशक Nordic Science Investments ने भी हिस्सा लिया। बाकी €3.6 मिलियन गैर-डाइल्यूटिव सार्वजनिक फंडिंग है, जिसमें EU के Horizon Europe कार्यक्रम का अनुदान भी शामिल है।

मुओन से घने पुर्जों के भीतर झांकना

कंपनी की स्थापना डॉ. आंदी हेक्टर और डॉ. क्रिस्टियान पोडर ने की है, जो सह-सीईओ हैं। MuRay नियंत्रित मुओन बीम से घने पदार्थों और पुर्जों की आंतरिक संरचना जांचती है। शुरुआती फोकस क्वालिटी एश्योरेंस पर है, खासकर 3D-प्रिंटेड रॉकेट इंजन और गैस टर्बाइन जैसे सुरक्षा-संवेदनशील पुर्जों पर, जिनके भीतरी दोष पकड़ना मुश्किल होता है।

पारंपरिक एक्स-रे घने पदार्थों में गहराई तक नहीं पहुंच पाते। MuRay की तकनीक धातु, सिरेमिक और कंपोजिट से बने पुर्जों की हाई-रिज़ॉल्यूशन 3D तस्वीरें बनाती है और सामग्री व घनत्व के अंतर पहचानती है। कंपनी के अनुसार जांच घंटों के बजाय मिनटों में हो सकती है, और इसमें रेडिएशन खुराक एक्स-रे से काफ़ी कम रहती है। इससे निर्माता उत्पादन लाइन पर ही दोष पकड़ सकेंगे।

हेक्टर के मुताबिक एक्स-रे स्टील की कुछ सेंटीमीटर मोटाई पर अपनी सीमा तक पहुंच जाते हैं, जबकि दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेट से लेकर गैस टर्बाइन तक आधुनिक उद्योग इससे कहीं मोटी धातु से बनता है।

आगे की योजना

जर्मन स्पेस एजेंसी DLR के साथ मिलकर MuRay ने रॉकेट इंजन की जांच का मॉडल तैयार किया है और पहला वास्तविक आकलन 2027 में करने की योजना है। कंपनी स्पेस, एयरोस्पेस, रक्षा और ऊर्जा क्षेत्रों के अलावा कार्गो व सीमा सुरक्षा में यूरेनियम जैसी परमाणु सामग्री का पता लगाने पर भी विचार कर रही है। लंबी अवधि में रेडियोधर्मी कचरे की निगरानी, पुलों और इमारतों की जांच तथा क्लिनिकल डायग्नोस्टिक्स संभावित क्षेत्र हैं।

नई फंडिंग से तकनीक का विकास और कमर्शियलाइज़ेशन होगा, जिसमें शिपिंग कंटेनर जितना मोबाइल इमेजिंग सिस्टम शामिल है। कंपनी 2027 में DESY की हैम्बर्ग स्थित मौजूदा इलेक्ट्रॉन बीम के साथ अपना पहला इमेजिंग सर्विस शुरू करेगी, और 2029 में लेज़र-ड्रिवन एक्सेलरेटर वाला पहला पूर्ण-स्तरीय सिस्टम लाएगी।

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