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बवेरिया और श्लेस्विग-होल्स्टीन डिजिटल संप्रभुता के लिए साथ आए

जर्मनी के दो राज्य Microsoft जैसी अमेरिकी कंपनियों पर निर्भरता घटाना चाहते हैं और इसके लिए खुले व इंटरऑपरेबल IT समाधानों पर दांव लगा रहे हैं।

Government building with a digital network graphic symbolising public-sector IT cooperation between two German states.
छवि: heise online

जर्मनी के राज्य बवेरिया और श्लेस्विग-होल्स्टीन ने डिजिटल संप्रभुता के मुद्दे पर मिलकर काम करने का फैसला किया है। दोनों राज्य Microsoft जैसी अमेरिकी कंपनियों पर अपनी निर्भरता कम करना चाहते हैं और इसके लिए खुले तथा इंटरऑपरेबल IT समाधानों को प्राथमिकता देंगे।

क्या है इस सहयोग का मकसद

डिजिटल संप्रभुता का मतलब है कि सरकारें अपने IT ढांचे और सॉफ्टवेयर के बारे में खुद फैसले ले सकें, न कि किसी एक विदेशी विक्रेता के उत्पादों से बंधी रहें। दोनों राज्यों की साझेदारी इसी दिशा में एक कदम है।

खुले मानकों और इंटरऑपरेबिलिटी पर जोर देने का फायदा यह है कि अलग-अलग सिस्टम आपस में बेहतर तरीके से जुड़ सकते हैं। इससे भविष्य में किसी दूसरे समाधान पर जाना भी आसान हो जाता है।

आगे क्या

सहयोग के ब्योरे, समय-सीमा और बजट के बारे में फिलहाल जानकारी उपलब्ध नहीं है। देखना होगा कि दोनों राज्य किन क्षेत्रों में साझा समाधान अपनाते हैं और अमेरिकी सॉफ्टवेयर से हटने की प्रक्रिया कितनी आगे बढ़ती है।

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