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Yulu का FY26 घाटा 23% घटकर 96.6 करोड़ रुपये, राजस्व 281 करोड़

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्टार्टअप Yulu का FY26 में घाटा 23% घटकर 96.6 करोड़ रुपये रहा, जबकि EV रेंटल की बदौलत परिचालन राजस्व 18.6% बढ़कर 281 करोड़ रुपये हो गया।

इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्टार्टअप Yulu Bikes ने मार्च 2026 में समाप्त वित्त वर्ष (FY26) में अपना घाटा 23% घटाकर 96.6 करोड़ रुपये कर लिया। कंपनी के कंसोलिडेटेड वित्तीय विवरणों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहनों के किराये से होने वाली आय बढ़ने और खर्च के राजस्व की तुलना में धीमी गति से बढ़ने से यह सुधार आया।

राजस्व में 18.6% की बढ़त

Yulu का परिचालन से राजस्व FY26 में 18.6% बढ़कर 281 करोड़ रुपये रहा, जो FY25 में 237 करोड़ रुपये था। कंपनी की सबसे बड़ी आय का स्रोत इलेक्ट्रिक वाहनों को किराये पर देने का कारोबार है। इससे होने वाली आय 30.3% बढ़कर 262 करोड़ रुपये हो गई, जबकि एक साल पहले यह 201 करोड़ रुपये थी।

इस तरह EV रेंटल का हिस्सा कुल परिचालन राजस्व में 93% से अधिक रहा। यानी कंपनी की कमाई का लगभग पूरा दारोमदार इसी सेगमेंट पर टिका है।

क्यों मायने रखता है

घाटे में कमी यह संकेत देती है कि कंपनी का विस्तार अब बेहतर यूनिट इकोनॉमिक्स की ओर बढ़ रहा है, क्योंकि खर्च राजस्व से धीमी रफ्तार से बढ़े। हालांकि घाटा अब भी करीब 97 करोड़ रुपये के स्तर पर है, इसलिए मुनाफे तक का सफर अभी बाकी है। शहरी लास्ट-माइल मोबिलिटी में इलेक्ट्रिक वाहन किराये की मांग बढ़ने का असर कंपनी के आंकड़ों में दिख रहा है।

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