Scentronic: ई-नोज़ और AI से इंटरनेट पर भेजी जाएगी खुशबू
Ohio State University के शोधकर्ताओं ने Scentronic बनाया है, जो e-nose और AI से खुशबू पहचानकर दूर बैठे डिवाइस पर वैसी ही महक पैदा करता है।

अमेरिका की Ohio State University के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने Scentronic नाम का सिस्टम बनाया है, जो इंटरनेट के ज़रिए दूर बैठे व्यक्ति तक खुशबू पहुँचा सकता है। यह एक "इलेक्ट्रॉनिक नाक" (e-nose) को ऐसे डिवाइस से जोड़ता है, जो दूसरी जगह उसी तरह की महक छोड़ता है। शोध Science Advances पत्रिका में प्रकाशित हुआ है और Reuters ने 23 अक्टूबर को इसकी जानकारी दी थी।
कैसे काम करता है
भेजने वाले की तरफ़ लगी e-nose सेंसर और AI की मदद से पहचानती है कि महक किस चीज़ की है। यह पहचान इंटरनेट से दूसरी तरफ़ के डिवाइस तक पहुँचती है। वह डिवाइस पहले से भरे गए सुगंधित पदार्थों में से सही चुनकर वैसी ही खुशबू छोड़ देता है।
यानी महक के कण इंटरनेट से नहीं गुज़रते। भेजी जाती है सिर्फ़ जानकारी, जबकि खुशबू का सामान पाने वाले के डिवाइस में पहले से मौजूद रहता है। उदाहरण के लिए, e-nose ने कॉफ़ी पहचानी तो दूसरी तरफ़ का डिवाइस कॉफ़ी की सुगंध छोड़ेगा।
फ़िलहाल प्रोटोटाइप पाँच महकें पहचानता है: कॉफ़ी, केक, संतरा, बीयर और रेड वाइन। सुगंध छोड़ने वाले डिवाइस हाथ में पकड़ने वाले हैं, और कुछ बाँह या गर्दन पर पहने जा सकते हैं।
सीमाएँ और आगे की राह
अभी डिवाइस वही खुशबू देता है जो उसके अंदर भरी गई है। कॉफ़ी पहचान लेने पर भी किसी ख़ास कप की बारीक महक, यानी बीन्स या रोस्टिंग का फ़र्क़, दोबारा बनाना अभी चुनौती है। नई महकें जोड़ने के लिए भेजने वाले AI को उनकी विशेषताएँ सिखानी होंगी और पाने वाले डिवाइस में मेल खाता सुगंधित पदार्थ भी रखना होगा।
शोध टीम के अनुसार इसके संभावित उपयोग हैं: दूर रहने वाले परिवार और दोस्तों के साथ खुशबू साझा करना, ख़ास गॉगल्स पर देखे जाने वाले वीडियो में महक जोड़ना, और ऑनलाइन शॉपिंग में उत्पाद की खुशबू आज़माना। परफ़्यूम जैसे उत्पादों में यह काम आ सकता है, जहाँ "ताज़गी भरी" जैसे शब्दों से महक का अंदाज़ा लगाना मुश्किल होता है। तकनीक अभी प्रोटोटाइप स्तर पर है।
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