सैटेलाइट डिपॉजिट सिस्टम: $200,000 की जमानत घटा सकती है अंतरिक्ष कचरा
शोधकर्ताओं ने हर सैटेलाइट पर $200,000 की वापसी योग्य जमानत का प्रस्ताव रखा है। मॉडल के अनुसार इससे हर साल कक्षा में बचने वाले बेकार उपग्रहों का द्रव्यमान एक-तिहाई से ज़्यादा घट सकता है।

किसी कंपनी को सैटेलाइट लॉन्च करना हो तो पहले $200,000 की जमानत जमा करनी होगी। मिशन खत्म होने पर अगर वह उपग्रह को तय समय में सुरक्षित तरीके से कक्षा से हटा देती है, तो उसे ब्याज समेत रकम लौट आएगी। नहीं हटाया, तो रकम जब्त हो जाएगी। यह बोतलों पर लगने वाले डिपॉजिट सिस्टम जैसा लगता है, लेकिन दांव पर पूरे ऑर्बिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा है।
यह प्रस्ताव University College London, University of Colorado Boulder और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) समेत कई संस्थानों के शोधकर्ताओं का है। Indigo Brownhall के नेतृत्व वाली टीम ने Nature Communications में प्रकाशित अध्ययन में परखा कि ऑपरेटर कैसा व्यवहार करेंगे, अगर बेकार सैटेलाइट छोड़ने पर उन्हें सीधा आर्थिक नुकसान हो। जब्त की गई रकम सक्रिय रूप से अंतरिक्ष कचरा हटाने वाले फंड में जा सकती है।
60 प्रतिशत सैटेलाइट नहीं हटे
अध्ययन में इस्तेमाल आंकड़ों के मुताबिक 2010 से 2024 के बीच उन कक्षाओं में, जहां उपग्रह तय समय में खुद नीचे नहीं आते, केवल 40 प्रतिशत को मिशन के बाद सफलतापूर्वक हटाया गया। बाकी 60 प्रतिशत ने यह शर्त पूरी नहीं की। इसका मतलब यह नहीं कि सभी सैटेलाइट का इतना हिस्सा अंतरिक्ष में बचा है, क्योंकि कई कम ऊंचाई पर वायुमंडल के खिंचाव से खुद नीचे आ जाते हैं। ESA की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार रोज़ औसतन 3 से ज़्यादा बड़ी वस्तुएं वायुमंडल में लौट रही हैं।
मॉडल क्या कहता है
टीम ने ऑपरेटरों के फैसलों के मॉडल को 25 साल के सिमुलेशन से जोड़ा। नतीजों में $200,000 की जमानत से हर साल कक्षा में रहने वाले नए निष्क्रिय सैटेलाइट का द्रव्यमान एक-तिहाई से ज़्यादा घटा। कुछ परिदृश्यों में कुल आर्थिक लाभ 27 प्रतिशत तक बढ़ा। $10 लाख से ऊपर की रकम पर अतिरिक्त फायदा घटने लगा।
अगर नियम केवल उन देशों में लागू हों जो उपग्रह बाज़ार का 20 प्रतिशत हैं, तब भी निष्क्रिय सैटेलाइट की संख्या अनुकूल हालात में 18 प्रतिशत तक घट सकती है। हालांकि ऑपरेटर बिना जमानत वाले बाज़ारों में चले जाएं तो असर कम होता है।
यह केवल आर्थिक सिमुलेशन है, असली बाज़ार का प्रयोग नहीं, और यह अभी नियामकीय प्रस्ताव है, कानून नहीं। इसे लागू करने के लिए निगरानी और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियां सुलझानी होंगी। SpaceX ने 100,000 नए Starlink सैटेलाइट की मंज़ूरी मांगी है, इसलिए ऐसे उपायों की अहमियत बढ़ रही है।
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