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Sarvam AI के CEO ने कैंसर सर्वाइवर को दी लाइफटाइम एक्सेस

Sarvam AI के CEO प्रत्यूष कुमार ने सस्ती text-to-speech तकनीक की मांग करने वाले 70 वर्षीय कैंसर सर्वाइवर रघुनाथ को अपने मॉडल्स की लाइफटाइम एक्सेस दी है।

A person typing a message on a phone while a text-to-speech app reads it aloud, illustrating AI voice tools for people with speech disabilities.
छवि: mint

Sarvam AI के CEO प्रत्यूष कुमार ने 70 वर्षीय ओरल कैंसर सर्वाइवर रघुनाथ AS को कंपनी के AI मॉडल्स की लाइफटाइम एक्सेस देने की घोषणा की है। रघुनाथ ने बोलने में अक्षम लोगों के लिए सस्ती text-to-speech (TTS) तकनीक की ज़रूरत उठाई थी, ताकि वे स्वतंत्र रूप से अपनी बात कह सकें।

सोशल मीडिया अपील से शुरुआत

2015 में ओरल कैंसर से जूझने के बाद रघुनाथ की बोलने की क्षमता चली गई। उन्होंने X पर लिखा कि वे वर्षों से हाथ से लिखे नोट्स के ज़रिये बात करते आए हैं, जिन्हें अक्सर पढ़ा ही नहीं जाता या जवाब नहीं मिलता। उनके शब्दों में, कैंसर अस्पतालों में वे अनगिनत मरीज़ों को अपनी तकलीफ़ बयान करने के लिए जूझते देखते हैं।

उनका तर्क था कि TTS सिर्फ़ सुविधा नहीं, बल्कि आज़ादी लौटाने वाला ज़रूरी साधन है। उन्होंने कहा, “डॉक्टर शायद मेरा 100 शब्दों का नोट न पढ़ें, लेकिन उसे एक मिनट से कम में सुन सकते हैं।” उन्होंने बताया कि भारत में अनुमानित 19.9 लाख लोग बोलने संबंधी दिव्यांगता के साथ जी रहे हैं।

रघुनाथ ने कंपनी के प्रति-अक्षर (per-character) प्राइसिंग मॉडल की ओर इशारा किया और कहा कि इससे दिव्यांगजनों के लिए नियमित उपयोग मुश्किल हो सकता है। उन्होंने उनके लिए सस्ता, अनलिमिटेड मासिक सब्सक्रिप्शन शुरू करने का सुझाव दिया।

कंपनी का जवाब

प्रत्यूष कुमार ने X पर जवाब दिया, “हम सहमत हैं कि AI से सशक्त होने के लिए आपको अक्षर गिनने की ज़रूरत नहीं होनी चाहिए। हमने आपके अकाउंट में हमारे मॉडल्स की लाइफटाइम एक्सेस जमा कर दी है।” उन्होंने एक्सेसिबिलिटी से जुड़े काम के लिए Sarvam की तकनीक इस्तेमाल करने वाले अन्य लोगों को सीधे संपर्क करने को कहा और भरोसा दिया कि टीम उनकी ज़रूरतों पर साथ मिलकर काम करेगी। कुमार के मुताबिक कंपनी भविष्य में औपचारिक एक्सेसिबिलिटी प्रोग्राम शुरू करने की योजना बना रही है।

Bulbul V3 क्या है

Sarvam अपनी TTS सेवा Bulbul V3 मॉडल के ज़रिये देती है। कंपनी के अनुसार यह भावनाओं के साथ स्वाभाविक आवाज़ तैयार कर सकता है। आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक यह 11 भाषाओं को सपोर्ट करता है: हिंदी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, पंजाबी, ओड़िया और भारतीय लहजे वाली अंग्रेज़ी। हर भाषा के लिए अलग-अलग विशेषताओं वाली कई स्पीकर आवाज़ें भी उपलब्ध हैं।

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