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Naval Group का SCX 26: रेलगन वाला कॉन्सेप्ट युद्धपोत

Naval Group ने Euronaval में 8,000 टन के कॉन्सेप्ट युद्धपोत SCX 26 को पेश किया, जिसमें रेलगन और 100 kW लेज़र है। US Navy इस हथियार को 2021 में छोड़ चुकी है।

Concept rendering of the SCX 26, an 8,000-tonne Naval Group warship armed with a railgun, laser and missile silos.
छवि: Numerama

फ्रांसीसी रक्षा कंपनी Naval Group ने पेरिस में चल रहे Euronaval 2026 में SCX 26 नाम का कॉन्सेप्ट युद्धपोत पेश किया है। यह 8,000 टन का जहाज़ है, जिसमें विद्युत-चुंबकीय तोप यानी रेलगन लगाने की परिकल्पना है। यह जहाज़ फिलहाल सिर्फ़ कागज़ पर है।

जहाज़ की खूबियाँ

कंपनी के मुताबिक SCX 26 की लंबाई 170 मीटर है और इसमें 150 नौसैनिकों का चालक दल रहेगा। इसके अलावा स्टाफ या विशेषज्ञ कर्मियों के लिए 100 अतिरिक्त जगहें हैं। यह 8,000 समुद्री मील (लगभग 14,800 किलोमीटर) से ज़्यादा दूरी तय करने और 30 नॉट (करीब 55.5 किमी/घंटा) तक की रफ़्तार पकड़ने के लिए बनाया गया है। Naval Group इसे «शक्ति, विस्तार-क्षमता और लचीलेपन» का मेल बताती है।

हथियारों में 100 से ज़्यादा VLS मिसाइल साइलो, 360 डिग्री कवरेज वाली रिमोट-ऑपरेटेड सेकंडरी आर्टिलरी, रिमोट-ऑपरेटेड मुनिशन (यानी कामिकाज़े ड्रोन) और दो मॉड्यूलर Rampart लॉन्चर शामिल हैं। Rampart का हाल ही में समुद्र में परीक्षण हुआ है। इनके साथ तेज़ बौछार में फायर करने वाली रेलगन और 100 किलोवाट का लेज़र भी प्रस्तावित है।

रेलगन बारूद के बिना काम करती है। दो समानांतर पटरियों में तेज़ बिजली गुज़रने से बना चुंबकीय क्षेत्र गोले को ध्वनि की रफ़्तार से कई गुना तेज़ दागता है। गोले में न विस्फोटक होता है, न इंजन, इसलिए वह मिसाइल से काफ़ी सस्ता पड़ता है। कंपनी का लक्ष्य ड्रोन झुंड जैसे खतरों से मिसाइल भंडार खर्च किए बिना निपटना है। कंपनी ने हथियार का कैलिबर या रेंज नहीं बताई है।

अमेरिका ने क्यों छोड़ा

फ़िलहाल कोई नौसेना परीक्षणों से बाहर रेलगन इस्तेमाल नहीं करती। अमेरिकी नौसेना ने जुलाई 2021 में अपना कार्यक्रम बंद कर दिया, जिस पर पंद्रह साल में लगभग 50 करोड़ डॉलर खर्च हुए थे। उसने बजट, जहाज़ों पर लगाने की मुश्किल और लेज़र व हाइपरसोनिक मिसाइल जैसी तकनीकों की प्रगति को कारण बताया। 2018 में एडमिरल जॉन रिचर्डसन ने कांग्रेस को बताया था कि तोप की नली सबसे कमज़ोर कड़ी है, क्योंकि पटरियाँ बहुत जल्दी घिस जाती थीं।

जापान की नौसेना ने 2025 में समुद्री परीक्षण के दौरान पहली बार रेलगन से दूसरे जहाज़ पर निशाना लगाया। फ्रांस ने 2024 में जर्मनी और जापान के साथ मिलकर ऐसी तोपें विकसित करने का समझौता किया। Naval Group का कहना है कि SCX 26 ज़रूरी नहीं कि किसी आने वाले कार्यक्रम का संकेत हो; यह भविष्य के समुद्री युद्ध की उसकी कल्पना भर है।

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