Grok ने चैटबॉट की उपयोग सीमा घटाई, मस्क बोले लागत असहनीय
Grok ने अपने चैटबॉट की साप्ताहिक उपयोग सीमा घटा दी है। एलन मस्क के मुताबिक बॉट चलाने की लागत कमाई की तुलना में टिकाऊ स्तर से कहीं ज़्यादा है।

Grok ने अपने AI चैटबॉट की उपयोग सीमा घटा दी है। बताया गया है कि सेवा चलाने की लागत कमाई के मुकाबले बहुत बढ़ गई थी, इसलिए यह कदम उठाया गया।
हैलोवीन वीकेंड के दौरान कई यूज़र्स ने सोशल मीडिया प्लैटफ़ॉर्म X पर लिखा कि उनकी साप्ताहिक सीमा अचानक खत्म हो गई। कुछ यूज़र्स का कहना था कि उन्होंने चैटबॉट का अतिरिक्त इस्तेमाल नहीं किया, फिर भी सीमा की खपत 50% से सीधे 100% पहुँच गई।
मस्क ने बताई लागत की वजह
स्पेसX के सीईओ एलन मस्क ने 1 नवंबर को X पर सीमा में बदलाव का कारण संचालन लागत बताया। उनके अनुसार Grok बॉट की सेवा देने का खर्च राजस्व की तुलना में इतना ऊँचा था कि उसे जारी रखना संभव नहीं था। हालाँकि सीमा कितनी घटाई गई है और आगे सब्सक्राइबर्स पर कौन-सा नियम लागू होगा, यह उन्होंने नहीं बताया।
AI कारोबार: बड़ी कमाई, भारी खर्च
AI कारोबार स्पेसX की कमाई का प्रमुख स्रोत है। कंपनी ने पिछले महीने जो दस्तावेज़ जारी किए, उनके अनुसार कुल आय का 52% हिस्सा AI कारोबार से आया। लेकिन अकेले Grok बॉट की बात करें तो उसकी सेवा से होने वाली कमाई से ज़्यादा उसका संचालन खर्च है।
AI कारोबार संभालने वाले 'सुपर इंटेलिजेंस' डिवीज़न की आय 43.1 करोड़ डॉलर (करीब 5,800 अरब कोरियाई वॉन) दर्ज की गई। इस आँकड़े में Cursor के अधिग्रहण के दौरान आई 1.2 अरब डॉलर की एकमुश्त लागत भी शामिल है।
नई सीमा और सब्सक्राइबर्स के लिए मानक सार्वजनिक न होने से पेड यूज़र्स को फ़िलहाल बिना पूर्व सूचना के उपयोग घटने की आशंका के साथ चलना पड़ सकता है।
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