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जर्मनी में फाइबर रोलआउट: आवास उद्योग ने गलत नियमन की चेतावनी दी

जर्मनी के एक मकान-मालिक संगठन का कहना है कि सांसद समय-सीमा बढ़ाएँ और लागत का हिसाब यथार्थवादी रखें, वरना आवासीय फाइबर विस्तार खतरे में पड़ सकता है।

Fibre-optic cables being installed in the basement of a residential apartment building.
छवि: heise online

जर्मनी के आवास क्षेत्र से जुड़े एक मकान-मालिक संगठन ने चेतावनी दी है कि गलत नियमन से देश में फाइबर-ऑप्टिक नेटवर्क का विस्तार खतरे में पड़ सकता है। संगठन चाहता है कि कानून बनाने वाले समय-सीमाएँ बढ़ाएँ और लागत की गणना ज़्यादा यथार्थवादी तरीके से करें।

क्या माँग है

संगठन के अनुसार, मौजूदा रूपरेखा में तय की गई समय-सीमाएँ और लागत के अनुमान ज़मीनी हकीकत से मेल नहीं खाते। इसी कारण वह विधायकों से दोनों बिंदुओं पर दोबारा विचार करने की अपील कर रहा है, ताकि इमारतों में ग्लासफाइबर कनेक्शन लगाने का काम बाधित न हो।

संगठन का तर्क है कि अगर नियम व्यावहारिक नहीं रहे, तो विस्तार की गति धीमी पड़ सकती है। यानी लक्ष्य हासिल करने के लिए बनाए गए नियम ही उसकी राह में रुकावट बन सकते हैं।

क्यों मायने रखता है

तेज़ इंटरनेट के लिए फाइबर कनेक्शन को आधार माना जाता है, और रिहायशी इमारतों तक इसे पहुँचाने में मकान-मालिकों और आवास कंपनियों की अहम भूमिका होती है। इसलिए इस क्षेत्र की चिंताओं का असर पूरे रोलआउट की रफ़्तार पर पड़ सकता है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में नियमों के ब्योरे या संगठन के आँकड़ों का उल्लेख नहीं है। आगे यह देखना होगा कि विधायक इन सुझावों को स्वीकार करते हैं या नहीं।

टैग:fibre opticgermanybroadbandregulationhousing industry

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