CapGrid ने जुटाए ₹50 करोड़, प्रिसिजन पार्ट्स और ड्रोन में विस्तार
दिल्ली NCR की B2B मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप CapGrid ने Hero Enterprise Venture Partners की अगुवाई में ₹50 करोड़ जुटाए। वैल्यूएशन ₹430 करोड़ है।

दिल्ली NCR की B2B मैन्युफैक्चरिंग स्टार्टअप CapGrid ने प्री-सीरीज़ B राउंड में ₹50 करोड़ (लगभग 5.2 मिलियन डॉलर) जुटाए हैं। राउंड की अगुवाई सुनील मुंजाल के नेतृत्व वाले Hero Enterprise की निवेश इकाई Hero Enterprise Venture Partners ने की। इस निवेश पर कंपनी का वैल्यूएशन ₹430 करोड़ (करीब 45.3 मिलियन डॉलर) आंका गया है। सह-संस्थापक और सीईओ धीरज तिवारी के मुताबिक कंपनी अब उच्च-स्तरीय प्रिसिजन कंपोनेंट बनाएगी और ड्रोन मैन्युफैक्चरिंग व डेटा सेंटर जैसे क्षेत्रों में उतरेगी।
इस राउंड में प्राइमरी और सेकेंडरी दोनों तरह के लेन-देन शामिल थे। Axilor Ventures, Anicut Capital, Nexus Venture Partners और एंजेल निवेशकों ने भी हिस्सा लिया। तिवारी के अनुसार प्राइमरी रकम का एक हिस्सा उच्च-स्तरीय इंजीनियर्ड प्रिसिजन कंपोनेंट के R&D पर खर्च होगा, जबकि बाकी कारोबार बढ़ाने में लगेगा। इससे पहले कंपनी Anicut Growth Fund की अगुवाई में विस्तारित सीरीज़ A में 5 मिलियन डॉलर जुटा चुकी है।
बिना अपनी फैक्ट्री का मॉडल
2021 में तिवारी और हिमांशु रघुवंशी ने CapGrid की स्थापना की। यह ऑटोमोटिव, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और भारी उद्योगों में OEM और Tier I सप्लायर्स को सेवाएं देती है। कंपनी की अपनी कोई फैक्ट्री नहीं है। उसका क्लाउड मैन्युफैक्चरिंग प्लेटफ़ॉर्म थर्ड-पार्टी निर्माताओं के जरिए कंपोनेंट के डिज़ाइन, विकास, उत्पादन और डिलीवरी का समन्वय करता है। कंपनी के अनुसार वह ऑर्डर को सप्लायर्स से मिलाने और उत्पादन शेड्यूल व गुणवत्ता की निगरानी के लिए AI और ML का इस्तेमाल करती है।
कंपनी का दावा है कि उसके सप्लायर पार्टनर करीब 60% क्षमता पर काम करते हैं। अलग-अलग OEM के ऑर्डर एक साथ जोड़कर वह इस खाली क्षमता का उपयोग करती है। देश के प्रमुख OEM क्लस्टरों में उसके 14 फुलफिलमेंट सेंटर इन्वेंट्री और असेंबली लाइन तक डिलीवरी संभालते हैं।
राजस्व और आगे का लक्ष्य
तिवारी के मुताबिक FY26 में ऑपरेटिंग रेवेन्यू करीब 14% बढ़कर ₹240 करोड़ रहा और FY27 के लिए ₹350 करोड़ का लक्ष्य है। एनुअलाइज्ड रेवेन्यू रन रेट छह महीने पहले के करीब ₹300 करोड़ से बढ़कर ₹360-370 करोड़ हो गया है, और अगला लक्ष्य ₹500 करोड़ है। मार्जिन और वर्किंग कैपिटल के आंकड़े सामने नहीं आए हैं, इसलिए जटिल ऑर्डर से बेहतर रिटर्न मिलेगा या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।
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