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पोलैंड ने बनाई CSIRT Energia, ऊर्जा ग्रिड को साइबर हमलों से बचाएगी

पोलैंड के ऊर्जा मंत्रालय ने ग्रिड ऑपरेटर PSE को CSIRT Energia बनाने का जिम्मा सौंपा है। यह टीम अहम ऊर्जा ढांचे पर साइबर हमलों में समन्वय करेगी।

Power transmission lines and wind turbines at dusk, symbolizing Poland's energy infrastructure and its new cyber defense team.
छवि: Spider's Web

पोलैंड के ऊर्जा मंत्रालय ने देश के ग्रिड ऑपरेटर Polskie Sieci Elektroenergetyczne (PSE) को CSIRT Energia नाम की विशेष टीम बनाने की जिम्मेदारी दी है। यह टीम बिजलीघरों, ट्रांसमिशन नेटवर्क, गैस पाइपलाइनों और अन्य महत्वपूर्ण ढांचे पर मंडराते खतरों के मामले में प्रतिक्रिया का समन्वय करेगी। मंत्रालय की निगरानी में साइबर सुरक्षा के लिहाज से करीब 1200 संस्थाएं आती हैं।

इस बारे में समझौते पर 30 अक्टूबर को ऊर्जा मंत्री मिलोश मोतिका और PSE के अध्यक्ष ग्शेगोज़ ओनिखिमोव्स्की ने हस्ताक्षर किए। नई टीम PSE के भीतर बनेगी। मंत्रालय के अनुसार PSE टीम का गठन, उसे शुरू करने की समय-सारणी, जरूरी उपकरण और विशेषज्ञ जुटाने का काम संभालेगा, जबकि निगरानी मंत्रालय के पास रहेगी। परिचालन-तत्परता की तारीख अभी घोषित नहीं हुई है। यह पोलैंड की पांचवीं सेक्टर-स्तरीय CSIRT होगी, जबकि वित्त, स्वास्थ्य और डिजिटल ढांचे के लिए ऐसी टीमें पहले से हैं।

दायरा सिर्फ बिजली तक सीमित नहीं

CSIRT यानी Computer Security Incident Response Team का काम हमलों के असर को ठीक करने के साथ संदिग्ध गतिविधि पकड़ना, कमजोरियों का विश्लेषण करना और दूसरी कंपनियों को चेतावनी देना भी है। CSIRT Energia राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा प्रणाली कानून में बताए सभी ऊर्जा उप-क्षेत्रों को कवर करेगी: बिजली उत्पादन और पारेषण, ताप आपूर्ति, गैस, तेल, ईंधन और हाइड्रोजन। इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग संरचना और परमाणु ऊर्जा से जुड़े निवेश भी दायरे में होंगे।

दिसंबर 2025 के हमले की पृष्ठभूमि

फैसला 29 दिसंबर 2025 के समन्वित साइबर हमले के कुछ महीने बाद आया है, जिसमें 30 से ज्यादा पवन और सौर फार्म, एक बड़ा ताप-विद्युत संयंत्र और एक उत्पादन कंपनी निशाने पर थीं। CERT Polska के विश्लेषण के मुताबिक हमला विनाशकारी प्रकृति का था, फिरौती उसका लक्ष्य नहीं था। हमलावरों ने औद्योगिक ऑटोमेशन के कुछ उपकरणों तक पहुंच बनाई और कुछ फार्मों का संचार बाधित किया, पर ऊर्जा उत्पादन नहीं रुका और बिजली आपूर्ति में रुकावट नहीं आई। बड़े संयंत्र में मैलवेयर को सुरक्षा प्रणालियों ने रोक दिया।

अगस्त की पूरक रिपोर्ट में सामने आया कि उसी अभियान में दूसरे ताप संयंत्र पर भी हमला हुआ, जहां कोजनरेशन प्रक्रिया कुछ देर रुकी, पर निवासियों की ताप आपूर्ति चालू रही। मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार 2025 में देश की CSIRT टीमों ने सभी क्षेत्रों में करीब 2.73 लाख घटनाएं संभालीं।

CSIRT Energia जोखिम खत्म नहीं करेगी और संयंत्रों की तकनीकी सुरक्षा की जगह भी नहीं लेगी। इसका मकसद कंपनियों के बीच जानकारी की तेज साझेदारी है, ताकि एक ऑपरेटर की चेतावनी से बाकी अपना ढांचा जल्दी जांच सकें।

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