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Pixxel के फाउंडर बोले- स्टार्टअप भारतीय स्वामित्व वाला, US में विरोध

Pixxel के CEO अवैस अहमद ने अमेरिकी इकाई Pixxel Federal पर उठे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि कंपनी का स्वामित्व और नियंत्रण भारत में ही है।

A hyperspectral Earth observation satellite orbiting above the planet, representing Pixxel's space imaging business.
छवि: Inc42 Media

बेंगलुरु की स्पेसटेक सूनिकॉर्न Pixxel के फाउंडर और CEO अवैस अहमद ने कंपनी के भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण पर उठे सवालों को खारिज कर दिया है। अमेरिकी सब्सिडियरी Pixxel Federal की घोषणा के बाद सोशल मीडिया पर आलोचना हुई थी। इसके जवाब में X पर पोस्ट करते हुए अहमद ने कहा कि Pixxel का मुख्यालय, स्वामित्व, प्रबंधन और नियंत्रण भारत में है।

भारतीय इकाई पर क्या कहा

अहमद के मुताबिक कंपनी की मुख्य भारतीय इकाई 2018 में बनी थी, यानी किसी भी विदेशी इकाई से पहले। यह किसी अमेरिकी कंपनी की सब्सिडियरी नहीं है और भारत सरकार, अंतरिक्ष और रक्षा कार्यक्रमों को चलाने का मुख्य माध्यम बनी हुई है। Pixxel Federal का बोर्ड और CEO केवल अमेरिकी सब्सिडियरी और उसके कामकाज पर अधिकार रखेंगे, भारतीय सरकारी कार्यक्रमों या घरेलू कारोबार पर नहीं।

शेयरहोल्डिंग पर उन्होंने बताया कि संस्थापकों समेत भारतीय निवेशकों की कुल हिस्सेदारी सबसे अधिक है। उसके बाद सिंगापुर, ब्रिटेन और अमेरिका के निवेशक आते हैं। सामान्य निवेशक सुरक्षा प्रावधानों के अलावा किसी विदेशी निवेशक के पास एकतरफा नियंत्रण नहीं है। भारतीय सरकारी परियोजनाओं के लिए विकसित बौद्धिक संपदा भी भारतीय स्वामित्व में रहती है।

अहमद ने कहा कि अमेरिकी इकाई 2018 में ही, भारतीय कंपनी के कुछ महीने बाद बनी थी। राष्ट्रीय सुरक्षा, निर्यात नियंत्रण और लाइसेंसिंग की ज़रूरतों के कारण स्पेस और डिफेंस जैसे नियमन वाले क्षेत्रों में अलग इकाइयां जरूरी हैं। उनके शब्दों में, एक इकाई होना कोई असाधारण उपलब्धि नहीं और कई इकाइयां होना संदिग्ध देशभक्ति का सबूत नहीं। कंपनी कुछ वर्षों में भारत में IPO लाने की योजना रखती है, तब पूरा कॉर्पोरेट ढांचा सार्वजनिक होगा।

GalaxEye की टिप्पणी

बेंगलुरु की ही स्पेसटेक स्टार्टअप GalaxEye ने X पर कहा कि उसने भारत में मुख्यालय रखने का सोचा-समझा फैसला किया और उसके सभी कॉन्ट्रैक्ट व बोली एक ही इकाई से हुई हैं। किसी कंपनी का नाम लिए बिना उसने कई देशों में इकाइयां बनाकर प्रोजेक्ट हासिल करने के चलन से दूर रहने की बात कही।

Pixxel की योजनाएं

Pixxel हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग सैटेलाइट बनाती है। Pixxel Federal अमेरिकी सरकारी एजेंसियों को अर्थ ऑब्जर्वेशन तकनीक, सैटेलाइट मिशन सिस्टम और जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस सेवाएं देगी और वॉशिंगटन डीसी के पास दफ्तर खोलेगी। कंपनी के पास NASA और NRO के साथ पहले से अनुबंध हैं। सितंबर में उसने Temasek और Seraphim की अगुआई में 10 करोड़ डॉलर का सीरीज C राउंड जुटाया, जिससे कुल फंडिंग करीब 19.5 करोड़ डॉलर हो गई। भारत में Pixxel की अगुआई वाला कंसोर्शियम IN-SPACe के साथ 12 सैटेलाइट का तारामंडल बना रहा है।

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