Osegi
AI·2 मिनट में पढ़ें

OpenAI अब डेटा सेंटर को कहेगी 'AI कंप्यूट कैंपस'

OpenAI डेटा सेंटर की जगह 'AI कंप्यूट कैंपस' शब्द अपना रही है। बिजली, पानी और जमीन की खपत को लेकर जनता की चिंता लगातार बढ़ रही है।

Aerial view of a large AI data center complex with cooling units and power infrastructure at dusk.
छवि: اليوم السابع

ChatGPT बनाने वाली कंपनी OpenAI अपने विशाल डेटा सेंटरों के लिए नया नाम अपना रही है: «AI कंप्यूट कैंपस» (AI Compute Campuses)। कंपनी के एक प्रवक्ता ने इस बदलाव की पुष्टि की है। कंपनी का कहना है कि नया शब्द इन परियोजनाओं के आर्थिक और तकनीकी दायरे को बेहतर ढंग से दर्शाता है।

बिजली, पानी और जमीन पर बढ़ती चिंता

यह बदलाव ऐसे समय हुआ है, जब अमेरिका में बड़ी टेक कंपनियों पर स्थानीय समुदायों का दबाव बढ़ रहा है। सर्वर चलाने और उन्हें ठंडा रखने के लिए डेटा सेंटरों को भारी बुनियादी ढांचे, बहुत अधिक बिजली और पानी तथा बड़े भूखंडों की जरूरत पड़ती है। Pew Research के हालिया सर्वे के मुताबिक 54% अमेरिकी मानते हैं कि AI डेटा सेंटर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाते हैं।

नाम बदलने के पीछे तर्क

OpenAI का कहना है कि ये सुविधाएं केवल डेटा स्टोर करने और सर्वर चलाने तक सीमित नहीं हैं। इनमें ऊर्जा का बुनियादी ढांचा, बड़े भूभाग का विकास और विशेषज्ञों व तकनीकी कर्मचारियों के लिए रोजगार भी शामिल है। नया नाम आसपास के समुदायों को मिलने वाले आर्थिक लाभ पर जोर देता है और यह संदेश देता है कि कंपनी इन्हें सिर्फ संसाधन खपाने वाली इमारतों के बजाय स्थानीय निवासियों और प्रशासन के साथ मिलकर चलाने वाली परियोजनाएं मानती है।

यह कदम 3 नवंबर 2026 को होने वाले अमेरिकी कांग्रेस के मध्यावधि चुनावों के आसपास आया है, जहां AI और उसका पर्यावरणीय व आर्थिक असर राजनीतिक बहस में जगह बना रहा है। OpenAI के मुख्य वैश्विक मामलों के अधिकारी क्रिस लेहेन ने मध्यावधि चुनावों को 2028 के राष्ट्रपति चुनाव का 'ट्रेलर' बताया और कहा कि तब AI सबसे बड़े मुद्दों में होगा। उनके मुताबिक ऐसी परियोजनाओं पर सामुदायिक निगरानी स्वस्थ है, स्थानीय समुदायों को उनके बदले उचित लाभ मिलना चाहिए और टेक कंपनियों को अपने कामकाज के असर की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। उन्होंने AI के वैश्विक मानकों और उसके विकास व उपयोग की गति पर सीमाओं जैसे विचार भी रखे।

अन्य कंपनियां भी दबाव में

Amazon, Meta और Microsoft को भी डेटा सेंटर परियोजनाओं पर बढ़ते विरोध का सामना करना पड़ रहा है। कुछ कंपनियों ने प्रभावित इलाकों में स्कूलों और सामुदायिक परियोजनाओं के लिए निवेश और आर्थिक योगदान की घोषणा की है। Amazon और Microsoft ने स्थानीय सरकारों से वार्ता में गोपनीयता समझौतों (NDA) का इस्तेमाल बंद करने की दिशा में बढ़ने की बात कही है, ताकि पारदर्शिता बढ़े।

नाम बदलना दिखाता है कि AI की होड़ अब सिर्फ उन्नत मॉडल बनाने तक सीमित नहीं रही; उन समुदायों का भरोसा जीतना भी जरूरी है जो इसकी पर्यावरणीय और आर्थिक कीमत का हिस्सा उठाते हैं। सवाल यह है कि क्या शब्द बदलने से संसाधनों की खपत से जुड़ी असली चिंताएं दूर होंगी।

देखने लायक ऐप्स

SUMO: नंबर पज़ल

सही खाने चुनें, जोड़ें, लक्ष्य तक पहुँचें। सीखना आसान, महारत मुश्किल। मुफ़्त, हर उम्र के लिए।

Dialo: बोलकर भाषाएँ सीखें

AI बातचीत साथी से बात करें; हर वाक्य सुधरकर आपकी भाषा में समझाया हुआ लौटता है। 9 भाषाएँ, A1 से C2 तक।

टैग:openaidata centersai compute campusesmidterm electionsenergy

इसी दिन की और ख़बरें

सभी देखें →

और पढ़ें:: AI

सभी देखें →