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गिग वर्कर्स के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड अधिसूचित

श्रम मंत्रालय ने सोशल सिक्योरिटी कोड, 2020 के तहत असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड अधिसूचित किया है।

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छवि: Inc42 Media

श्रम और रोज़गार मंत्रालय ने असंगठित श्रमिकों तथा गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्ड (NSSB) के गठन की अधिसूचना जारी कर दी है। यह बोर्ड कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी, 2020 के तहत बनाया गया है और इसका मकसद उभरती गिग इकॉनमी में कल्याणकारी योजनाओं का दायरा बढ़ाना है।

बोर्ड की अध्यक्षता केंद्रीय श्रम एवं रोज़गार मंत्री करेंगे। इसमें केंद्र और राज्य सरकारों, एग्रीगेटर कंपनियों, नियोक्ताओं, सिविल सोसाइटी संगठनों, श्रमिक यूनियनों और गिग व प्लेटफॉर्म वर्कर्स के संघों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।

बोर्ड की भूमिका

बोर्ड असंगठित, गिग और प्लेटफॉर्म श्रमिकों के अलग-अलग वर्गों के लिए उपयुक्त योजनाएं बनाने की सिफारिश केंद्र सरकार को देगा। वह कोड के क्रियान्वयन से जुड़े मामलों पर सरकार को सलाह देगा और सरकार द्वारा चलाई जा रही कल्याण योजनाओं की निगरानी करेगा। राज्य स्तर पर रिकॉर्ड रखने के काम और फंड व खाते से होने वाले खर्च की समीक्षा भी उसके जिम्मे होगी। मंत्रालय के मुताबिक बोर्ड की बैठक साल में कम से कम तीन बार होगी।

कोड और कंपनियों पर असर

साल 2020 में लाया गया कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी नौ मौजूदा श्रम कानूनों को एक ढांचे में समेटता है। इसके तहत संगठित और असंगठित क्षेत्र के कामगारों को प्रोविडेंट फंड, पेंशन, स्वास्थ्य बीमा, मातृत्व लाभ और ग्रेच्युटी जैसे फायदे दिए जाने का प्रावधान है। कोड गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को औपचारिक मान्यता देता है, जिससे वे सरकार द्वारा अधिसूचित कल्याण योजनाओं के पात्र बनते हैं। यह कोड 21 नवंबर 2025 से लागू हो चुका है।

योजनाओं में जीवन और विकलांगता बीमा, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य और मातृत्व लाभ तथा वृद्धावस्था सुरक्षा शामिल हो सकती है। पात्र एग्रीगेटर कंपनियों को सालाना टर्नओवर का 1-2% योगदान देना होगा, जिसकी एक सीमा तय है। इसलिए फूड डिलीवरी, क्विक कॉमर्स, राइड हेलिंग और ई-कॉमर्स में काम करने वाली Swiggy, Zomato, Blinkit, Zepto, Ola, Uber, Amazon और Flipkart जैसी कंपनियों पर वित्तीय और प्रशासनिक बोझ बढ़ सकता है।

राज्य भी अपने स्तर पर कदम उठा रहे हैं। कर्नाटक सरकार ने राज्य में सामाजिक सुरक्षा उपायों की देखरेख के लिए अलग गिग वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड गठित किया है।

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