Osegi
क्रिप्टो·2 मिनट में पढ़ें

ED की जांच: Mudrex, Instadapp पर ₹4,940 करोड़ के क्रिप्टो ट्रांसफर

प्रवर्तन निदेशालय ने FEMA उल्लंघन के आरोप में Mudrex, Saber.money और Instadapp की जांच शुरू की है। मामला स्टेबलकॉइन से ₹4,940 करोड़ से ज्यादा के सीमा-पार ट्रांसफर का है।

Investigators' notice board and laptop displaying cryptocurrency coins, symbolising India's crypto enforcement probe.
छवि: Inc42 Media

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के कथित उल्लंघन के मामले में क्रिप्टो प्लेटफॉर्म Mudrex और Saber.money तथा DeFi प्रोटोकॉल Instadapp और उससे जुड़े प्लेटफॉर्म Fluid की जांच शुरू की है। एजेंसी के मुताबिक अनधिकृत सीमा-पार फंड ट्रांसफर की रकम ₹4,940 करोड़ से ज्यादा है।

ED के बेंगलुरु जोनल ऑफिस ने 27 अक्टूबर को FEMA, 1999 की धारा 37 के तहत बेंगलुरु में तीन और मध्य प्रदेश में एक ठिकाने पर तलाशी ली। जांच का केंद्र USDT और USDC जैसे स्टेबलकॉइन का कथित इस्तेमाल है, जिनके जरिये अधिकृत चैनलों से बाहर पैसा भेजा गया।

Mudrex और Saber.money पर आरोप

ED का कहना है कि Mudrex और Saber.money के संचालन में प्रारंभिक जांच के अनुसार FEMA उल्लंघन ₹4,600 करोड़ से अधिक का है। एजेंसी ने बेंगलुरु की RPFAS Technologies Pvt Ltd को इन प्लेटफॉर्म का संचालक बताया है। ED के अनुसार कंपनी RBI की मंजूरी के बिना क्रिप्टो से तुरंत सीमा-पार मनी ट्रांसफर का खुलेआम प्रचार कर रही थी।

आरोप है कि प्लेटफॉर्म ऑन-रैंप और ऑफ-रैंप सेवाएं देते थे, जिनसे यूजर INR, USD या EUR को डिजिटल एसेट में बदलकर रकम बैंक खातों में निकाल सकते थे। ED ने X पर कहा कि जांच में टैक्स-हेवन क्षेत्रों की शेल कंपनियों, बड़े OTC लेनदेन और Binance व Bybit जैसे प्लेटफॉर्म के जरिये विदेशी भुगतान के संकेत मिले हैं।

Instadapp/Fluid का मामला

अलग जांच में ED ने Ethereum ब्लॉकचेन पर चलने वाले Instadapp और Fluid को देखा, जिसमें करीब 4 करोड़ डॉलर (लगभग ₹380.6 करोड़) के उल्लंघन का आरोप है। एजेंसी का दावा है कि इससे जुड़ी कंपनियां अमेरिका, सिंगापुर, ब्रिटिश वर्जिन आइलैंड्स और दुबई में पंजीकृत थीं, पर उनका संचालन भारत से होता था। कुछ के पंजीकृत पते पर न दफ्तर मिला, न कर्मचारी। विदेशी निवेशकों से मिला पैसा विदेशी बैंक खातों से भारत भेजा गया।

यह हाल के महीनों में ऐसी दूसरी कार्रवाई है। जून में ED ने Transak, Carret, Xpat, Onramp.money और Onmeta से जुड़े छह ठिकानों पर छापे मारे थे और करीब ₹6 करोड़ वाले बैंक खाते फ्रीज किए थे।

भारत में क्रिप्टो अब भी अनियमित है। उस पर 30% कैपिटल गेन टैक्स और हर लेनदेन पर 1% TDS लगता है। संसद की वित्त पर स्थायी समिति ने पिछले महीने इसे “हाई रिस्क” श्रेणी में रखा था।

टैग:enforcement directoratefemamudrexinstadappstablecoinsindia crypto

इसी दिन की और ख़बरें

सभी देखें →

और पढ़ें:: क्रिप्टो

सभी देखें →