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Bill Gates की चेतावनी: AI पर सरकारें लागू करें अनिवार्य सुरक्षा सीमाएं

Microsoft के सह-संस्थापक Bill Gates का कहना है कि AI कंपनियों की स्व-नियमन व्यवस्था काफ़ी नहीं है और सरकारों को अनिवार्य निगरानी व सुरक्षा उपाय तय करने चाहिए।

Bill Gates speaking during an interview about the need for mandatory artificial intelligence safety rules.
छवि: genbeta.com

Microsoft के सह-संस्थापक Bill Gates ने कहा है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दुरुपयोग को रोकने के लिए केवल कंपनियों के भरोसे नहीं रहा जा सकता। NBC News को दिए इंटरव्यू में उन्होंने सरकारों से ज़्यादा दखल की मांग की और ऐसे निगरानी व सुरक्षा तंत्र का समर्थन किया, जिन्हें AI कंपनियां अपने सिस्टम में शामिल करने के लिए बाध्य हों।

"स्व-नियमन काफ़ी नहीं"

Gates के मुताबिक, "कोई नहीं मानता कि स्व-नियमन पर्याप्त है।" उनका कहना है कि सुरक्षा उपायों की रूपरेखा तय करने में नीति-निर्माताओं के साथ क़ानून-व्यवस्था से जुड़ी एजेंसियों को भी शामिल होना चाहिए, खासकर तब जब इन टूल्स का इस्तेमाल अपराध या साइबर हमलों के लिए हो सकता है।

उन्होंने और कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि बुरी नीयत वाले लोगों और उन्नत AI टूल्स का मेल अब तक का सबसे ताक़तवर हथियार हो सकता है। उन्होंने बुनियादी ढांचे पर साइबर हमलों जैसे ख़तरों का ज़िक्र किया। साथ ही यह आशंका भी जताई कि छोटे समूहों को ऐसी क्षमताएं मिल सकती हैं, जो पहले केवल बड़े देशों के पास होती थीं।

विकास रोकने की मांग नहीं

Gates AI के विकास पर रोक लगाने की बात नहीं करते। उनका प्रस्ताव है कि ऐसे निगरानी सिस्टम बनें, जिनसे पता चल सके कि मॉडल क्या कर रहे हैं, और साथ में अनिवार्य सुरक्षा उपाय लागू हों। उनके अनुसार इन शर्तों से कंपनियों की लागत बढ़ेगी, लेकिन उनकी प्रगति में कोई बड़ी रुकावट नहीं आएगी।

सबसे बड़ी चुनौती सरकारों और कंपनियों को साझा मानकों पर सहमत कराना होगी, ख़ासकर अंतरराष्ट्रीय तकनीकी प्रतिस्पर्धा के माहौल में। Gates का मानना है कि इस पर वैश्विक समझौते शीत युद्ध के दौरान परमाणु हथियारों पर हुई बातचीत से भी मुश्किल हो सकते हैं। असल सवाल यह है कि AI की क्षमताओं की निगरानी कौन करे और मानवीय हस्तक्षेप के बिना उसे कितनी छूट दी जाए।

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