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Apple Watch एक मिनट में सीखता है नए हैंड जेस्चर: TransfHAR शोध

शोधकर्ताओं के TransfHAR सिस्टम से Apple Watch करीब एक मिनट के मोशन डेटा से नई हाथ की गतिविधियां सीखता है। सटीकता 90% से ऊपर है और सब कुछ वॉच पर ही होता है।

An Apple Watch on a wrist performing a hand gesture, with motion data lines suggesting gesture recognition.
छवि: Digital Trends

Northwestern University और Carnegie Mellon University के शोधकर्ताओं ने TransfHAR नाम का सिस्टम बनाया है, जिससे Apple Watch सिर्फ करीब एक मिनट के मोशन डेटा से नई हाथ की गतिविधियां पहचानना सीख लेता है। यह सिस्टम घड़ी के accelerometer और gyroscope के डेटा पर चलता है। सात नई गतिविधियों पर इसकी सटीकता 90% रही।

फिलहाल Apple Watch केवल दो जेस्चर पहचानता है: दो उंगलियों का टैप और कलाई का फ्लिक। TransfHAR दिखाता है कि मौजूदा सेंसर कहीं ज्यादा तरह की हरकतें सीख सकते हैं।

कैसे हुआ प्रयोग

शोधकर्ताओं ने पहले मॉडल को 381 लोगों के करीब 2,760 घंटे के सार्वजनिक कलाई-मूवमेंट डेटा पर ट्रेन किया। इसमें ज्यादातर बैठना, चलना और एक्सरसाइज जैसी सामान्य गतिविधियां थीं। इसके बाद 10 प्रतिभागियों ने Apple Watch Series 10 पहनकर अपनी चुनी सात-सात गतिविधियां कीं, जैसे कॉफी चलाना, हवा में दिल बनाना, सैनिटाइज़र लगाना, Gatorade की बोतल खोलना, जूते का फीता बांधना या नाखून घिसना।

सिर्फ 2.56 सेकंड की एक क्लिप पर बैलेंस्ड सटीकता 75.2% रही। पांच क्लिप (करीब 13 सेकंड) पर यह 86.7% और 20 क्लिप (करीब 51 सेकंड) पर 89.3% हो गई। पूरे एक मिनट के डेटा से सटीकता 90% पार कर गई।

सब कुछ घड़ी पर ही होता है। नई गतिविधियों पर ट्रेनिंग एक सेकंड से कम में पूरी होती है और प्रेडिक्शन में लगभग 24 मिलीसेकंड लगते हैं। इसके लिए फोन या रिमोट सर्वर की जरूरत नहीं पड़ती। 70 गतिविधियों को एक मॉडल में जोड़ने पर भी सटीकता 82% से ऊपर रही।

संभावित उपयोग और सीमाएं

शोधकर्ताओं के मुताबिक किसी जेस्चर को ऐप या पहले से बने शॉर्टकट से जोड़ा जा सकता है। उदाहरण के लिए कॉफी चलाने पर संगीत चलना या बाइसेप कर्ल पर वर्कआउट लॉग शुरू होना। उन्होंने कंपन (tremor) जैसे लक्षणों की निगरानी और फैक्टरी में असेंबली स्टेप ट्रैक करने जैसे उपयोग भी बताए हैं। टीम में Google के एक रिसर्च साइंटिस्ट शामिल हैं और मुख्य मॉडल Google के LSM-2 पर आधारित है, इसलिए यह तकनीक Wear OS तक पहुंच सकती है।

सिस्टम की कमियां भी हैं। लिखने, फोन स्क्रॉल करने या लोशन लगाने जैसी छोटी और लगातार हरकतें सेंसर को एक जैसी दिखती हैं। लट्टे बनाने जैसे कई चरणों वाले काम भी मुश्किल रहे। अध्ययन छोटा और नियंत्रित था, और बैटरी पर असर नहीं मापा गया। डेवलपर्स के लिए ट्रेनिंग टूल सार्वजनिक होने का इंतजार है।

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