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ANSSI: करोड़ों डेटा की चोरी के लिए हैकरों को तकनीकी कमाल की जरूरत नहीं

फ्रांस की साइबर सुरक्षा एजेंसी ANSSI के अनुसार बड़े पैमाने पर डेटा चोरी अक्सर किसी तकनीकी कौशल से नहीं, बल्कि कमजोर सुरक्षा वाले प्रवेश द्वारों से होती है।

A padlock on a server rack door left ajar, symbolising poorly secured entry points exploited by hackers.
छवि: L'Usine Digitale

फ्रांस की राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसी ANSSI ने बताया है कि लाखों रिकॉर्ड की चोरी करने के लिए हैकरों को अक्सर किसी बड़े तकनीकी करतब की जरूरत नहीं पड़ती। एजेंसी के अनुसार हमलावर उन "दरवाजों" का फायदा उठाते हैं, जो ठीक से बंद नहीं किए गए होते।

कमजोर प्रवेश द्वार बने निशाना

ANSSI का आकलन है कि बड़े पैमाने पर डेटा लीक के पीछे अकसर जटिल या अत्याधुनिक हमले नहीं होते। इसके बजाय संगठनों के वे प्रवेश बिंदु निशाना बनते हैं, जिनकी सुरक्षा कमजोर है। यानी हमलावर के लिए रास्ता पहले से खुला होता है और उसे सिर्फ उसका फायदा उठाना होता है।

कंपनियों और यूजर्स के लिए क्या मायने

इस निष्कर्ष का मतलब है कि डेटा चोरी का जोखिम केवल उन्नत तकनीक से लड़ने का मामला नहीं है। कंपनियों, सरकारी संस्थाओं और सेवा प्रदाताओं के लिए बुनियादी सुरक्षा की जांच अहम है: कौन-से एक्सेस पॉइंट खुले हैं और उनकी सुरक्षा कितनी मजबूत है। जब ऐसे द्वार खुले रहते हैं, तो लाखों लोगों का निजी डेटा एक साथ जोखिम में पड़ सकता है।

आम यूजर्स के लिए यह याद दिलाता है कि उनका डेटा उतना ही सुरक्षित है, जितनी सुरक्षित उसे संभालने वाली संस्था की व्यवस्था है। ऐसे मामलों में अकसर लीक की जानकारी बाद में सामने आती है।

ANSSI की यह टिप्पणी साइबर सुरक्षा पर जारी चर्चा में बुनियादी सावधानियों को प्राथमिकता देने की ओर इशारा करती है। एजेंसी का संदेश साफ है: कई मामलों में हमले को रोकने के लिए सबसे पहले खुले और कमजोर प्रवेश बिंदुओं को बंद करना जरूरी है।

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