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UPI ने अक्टूबर में बनाया रिकॉर्ड, 25.47 अरब ट्रांज़ैक्शन

अक्टूबर में UPI पर 25.47 अरब ट्रांज़ैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू ₹31.53 लाख करोड़ रही। त्योहारी खर्च से वॉल्यूम और वैल्यू दोनों नए रिकॉर्ड पर पहुंचे।

Smartphone showing a UPI QR code payment at a busy Indian retail counter during the festive season.
छवि: Inc42 Media

UPI ने अक्टूबर में वॉल्यूम और वैल्यू, दोनों के लिहाज़ से नया रिकॉर्ड बनाया। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के आंकड़ों के मुताबिक, महीने में 25.47 अरब ट्रांज़ैक्शन हुए, जो सितंबर के 24.07 अरब से 5.8% ज़्यादा हैं।

ट्रांज़ैक्शन की कुल वैल्यू 7.4% बढ़कर ₹31.53 लाख करोड़ रही, जबकि सितंबर में यह ₹29.37 लाख करोड़ थी। सालाना आधार पर वॉल्यूम 23% और वैल्यू 16% बढ़ी। अक्टूबर पहला महीना है, जब UPI पर 25 अरब से ज़्यादा ट्रांज़ैक्शन और ₹30 लाख करोड़ से अधिक के भुगतान हुए।

रोज़ाना औसत भी बढ़ा

औसत दैनिक ट्रांज़ैक्शन वैल्यू पहली बार ₹1 लाख करोड़ के पार पहुंच गई। यह सितंबर के ₹97,913 करोड़ से बढ़कर ₹1,01,707 करोड़ हो गई। रोज़ाना औसतन 82.2 करोड़ ट्रांज़ैक्शन हुए, जबकि सितंबर में यह आंकड़ा 80.2 करोड़ था।

अक्टूबर में 31 दिन थे और सितंबर में 30, इसलिए दैनिक औसत तुलना का बेहतर पैमाना है। इसके हिसाब से रोज़ाना वॉल्यूम 2.5% और वैल्यू 3.9% बढ़ी। यह तेज़ी त्योहारी सीज़न के दौरान आई। इससे पहले सितंबर में वॉल्यूम 1.8% और वैल्यू 1.5% घटी थी।

MDR पर नज़र

ये आंकड़े ऐसे समय आए हैं, जब चुनिंदा UPI भुगतानों पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लागू करने की तैयारी है। NPCI ने 15 अक्टूबर से प्रस्तावित इस बदलाव को दिवाली के बाद तक टाल दिया है और नई तारीख अलग से बताई जाएगी।

MDR वह शुल्क है, जो मर्चेंट डिजिटल भुगतान प्रोसेस करने के लिए बैंकों और पेमेंट कंपनियों को देते हैं। संशोधित ढांचे में ₹2,000 से ऊपर के पात्र पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) भुगतान पर 0.4% शुल्क लगेगा, जो ₹75,000 और उससे ऊपर के लेन-देन पर ₹300 पर सीमित रहेगा। पर्सन-टू-पर्सन (P2P) भुगतान पर MDR नहीं लगेगा।

इससे बैंकों और पेमेंट सेवा प्रदाताओं को कमाई का नया ज़रिया मिल सकता है। हालांकि व्यापारी संगठनों ने स्वीकार्यता की अतिरिक्त लागत पर चिंता जताई है और लागू होने से पहले राहत की मांग की है।

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