Pixxel ने अमेरिका में बनाई सब्सिडियरी Pixxel Federal, सरकारी बाज़ार पर नज़र
बेंगलुरु की स्पेसटेक कंपनी Pixxel ने अमेरिकी सरकारी ग्राहकों के लिए सब्सिडियरी Pixxel Federal बनाई है। वाशिंगटन डीसी के पास दफ़्तर खोलने की योजना है।

बेंगलुरु की स्पेसटेक स्टार्टअप Pixxel ने अमेरिका में नई सब्सिडियरी Pixxel Federal बनाई है। कंपनी का लक्ष्य अमेरिकी सरकारी बाज़ार में पैठ बढ़ाना है, जहाँ उसके पास NASA और नेशनल रिकॉनिसेंस ऑफ़िस (NRO) के साथ पहले से अनुबंध हैं।
कंपनी सरकारी ग्राहकों और साझेदारों के करीब काम करने के लिए वाशिंगटन डीसी के आसपास दफ़्तर खोलने की योजना बना रही है। Pixxel Federal नागरिक, रक्षा और खुफ़िया क्षेत्रों की अमेरिकी एजेंसियों को अर्थ ऑब्ज़र्वेशन तकनीक, सैटेलाइट मिशन सिस्टम और जियोस्पेशियल इंटेलिजेंस उपलब्ध कराएगी।
नेतृत्व और मौजूदा अनुबंध
Pixxel की एग्ज़िक्यूटिव Allyson Jenkins को Pixxel Federal का CEO बनाया गया है। वे पहले वाइस प्रेसिडेंट, पब्लिक सेक्टर थीं और जनवरी 2025 में कंपनी से जुड़ने के बाद से अमेरिकी सरकारी कारोबार संभाल रही हैं।
हाल ही में Pixxel को NASA के Commercial SmallSat Data Acquisition Programme के तहत अनुबंध मिला है, साथ ही NRO से Strategic Commercial Enhancements अनुबंध भी। नई सब्सिडियरी इन्हीं रिश्तों के सहारे और संघीय अनुबंध हासिल करना चाहती है। संस्थापक और CEO Awais Ahmed के मुताबिक, कंपनी हाइपरस्पेक्ट्रल इमेजिंग से आगे बढ़कर उन्नत सेंसिंग तकनीक, सॉफ़्टवेयर और सैटेलाइट सिस्टम में विस्तार कर रही है, इसलिए अमेरिकी सरकारी बाज़ार बड़ा अवसर है।
Pixxel अपने हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट, Earth intelligence सॉफ़्टवेयर और मिशन सिस्टम का उपयोग कैमोफ़्लाज डिटेक्शन, भू-भाग का आकलन, क्रिटिकल मिनरल और रेयर अर्थ तत्वों की पहचान, पर्यावरण निगरानी और खेती जैसे कामों में करेगी।
कंपनी की स्थिति
2019 में BITS Pilani के पूर्व छात्रों Awais Ahmed और Kshitij Khandelwal ने Pixxel की स्थापना की थी। कंपनी का दावा है कि वह व्यावसायिक हाइपरस्पेक्ट्रल सैटेलाइट का दुनिया का सबसे ऊँचे रेज़ोल्यूशन वाला समूह चलाती है। भारत में वह रक्षा मंत्रालय की कई iDEX चुनौतियाँ जीत चुकी है और IN-SPACe के तहत 12 सैटेलाइट वाला सार्वजनिक-निजी अर्थ ऑब्ज़र्वेशन समूह विकसित कर रही है।
सितंबर में कंपनी ने Temasek और Seraphim की अगुवाई में सीरीज़ C में 100 मिलियन डॉलर जुटाए, जो किसी भारतीय स्पेसटेक कंपनी का सबसे बड़ा एकल निवेश राउंड है। कुल निजी फ़ंडिंग लगभग 195 मिलियन डॉलर हो गई है। Google, Radical Ventures, growX ventures, Lightspeed Venture Partners और 360 ONE Asset भी निवेशकों में हैं।
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