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MobiKwik को RBI से NBFC लाइसेंस, 6 महीने में शुरू होगी लेंडिंग

MobiKwik की सहायक कंपनी को RBI से NBFC का पंजीकरण प्रमाणपत्र मिल गया है। कंपनी तीन से छह महीने में एसेट-लाइट को-लेंडिंग शुरू करेगी।

MobiKwik smartphone app displayed beside a rupee symbol, representing its new RBI-approved NBFC lending arm.
छवि: Inc42 Media

MobiKwik की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी MobiKwik Financial Services Pvt Ltd (MFSPL) को भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) से गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के रूप में काम करने का Certificate of Registration मिल गया है। प्रमाणपत्र 5 नवंबर को जारी हुआ। RBI ने अप्रैल 2026 में इसकी सैद्धांतिक मंज़ूरी दी थी, जबकि यह NBFC 13 मार्च 2025 को बनाई गई थी।

कंपनी के मुताबिक MFSPL अगले तीन से छह महीनों में कामकाज शुरू करेगी। वह बैंकों और अन्य NBFC के साथ साझेदारी में एसेट-लाइट को-लेंडिंग मॉडल अपनाएगी। इससे MobiKwik अपने मौजूदा लेंडिंग सर्विस प्रोवाइडर (LSP) कारोबार के साथ सीधे कर्ज़ देने की क्षमता भी जोड़ पाएगी। कंपनी का कहना है कि इससे प्रोडक्ट विकास में लचीलापन, तेज़ बाज़ार पहुँच और लेंडिंग इकोनॉमिक्स सुधारने के मौके मिलेंगे।

5,000 करोड़ रुपये का लक्ष्य

MobiKwik अगले तीन से चार साल में उपभोक्ताओं और MSME के लिए सुरक्षित और असुरक्षित, दोनों तरह के कुल ₹5,000 करोड़ के कर्ज़ बाँटना चाहती है। सह-संस्थापक और CFO उपासना टाकू ने कहा कि NBFC से कंपनी मौजूदा लेंडर साझेदारियों और टेक्नोलॉजी ढाँचे पर आगे बढ़ते हुए लेंडिंग वैल्यू चेन में ज़्यादा सक्रिय हो सकेगी।

Q2 की अर्निंग कॉल में CFO ने बताया कि शुरुआत में डिजिटल लेंडिंग वितरण का करीब 10% NBFC के ज़रिए हो सकता है। अगर अगले साल डिजिटल लेंडिंग से ₹6,000 करोड़ बाँटे गए, तो ₹600 करोड़ MFSPL से गुज़रेंगे। प्रस्तावित 10:90 को-लेंडिंग में MobiKwik 10% और साझेदार 90% राशि देगा, यानी करीब ₹60 करोड़ की पूँजी चाहिए होगी।

तिमाही नतीजे

Q2 FY27 में MobiKwik का समेकित शुद्ध लाभ ₹11.8 करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले ₹28.6 करोड़ का घाटा था। परिचालन राजस्व 9.4% बढ़कर ₹295.7 करोड़ हुआ। कंपनी के अनुसार यह उसका अब तक का सबसे ऊँचा तिमाही मुनाफ़ा और लगातार चौथी लाभ वाली तिमाही है।

ZIP EMI वाले फ़ाइनेंशियल सर्विसेज़ सेगमेंट का राजस्व 41.8% बढ़कर ₹86.9 करोड़ रहा। लेंडिंग पार्टनर्स के ज़रिए वितरण 34.1% बढ़कर ₹1,082.6 करोड़ पहुँचा। बीएसई पर शेयर 2.3% चढ़कर ₹224.75 पर बंद हुआ।

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