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Manastu Space ने सीरीज A एक्सटेंशन में जुटाए ₹22 करोड़

स्पेसटेक स्टार्टअप Manastu Space ने Gandhi Securities and Investments, Thacker Legacy Trusts और एंजेल निवेशकों से ₹22 करोड़ (करीब 2.3 मिलियन डॉलर) जुटाए हैं।

A small satellite in orbit above Earth, illustrating green propulsion technology developed by Indian startup Manastu Space.
छवि: Inc42 Media

भारतीय स्पेसटेक स्टार्टअप Manastu Space ने ₹22 करोड़ (करीब 2.3 मिलियन डॉलर) की नई फंडिंग जुटाई है। यह रकम Gandhi Securities and Investments, Thacker Legacy Trusts और कुछ एंजेल निवेशकों से आई है। माना जा रहा है कि यह कंपनी के सीरीज A फंडिंग राउंड का ही विस्तार है।

फंडिंग की जानकारी कंपनी की रेगुलेटरी फाइलिंग से सामने आई है। कंपनी ने कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय (MCA) को दिए खुलासे में लिखा है कि जुटाई गई रकम का इस्तेमाल रिसर्च एंड डेवलपमेंट, ग्रोथ, विस्तार, मार्केटिंग और सामान्य कॉर्पोरेट गतिविधियों के लिए किया जाएगा। इस बारे में भेजे गए सवालों का स्टार्टअप ने खबर लिखे जाने तक जवाब नहीं दिया।

आगे और रकम की तैयारी

फाइलिंग से संकेत मिलता है कि Manastu Capital A से ₹9.2 करोड़ और जुटाना चाहती है, लेकिन इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है। राउंड का आकार बंद होने से पहले बदल भी सकता है। इसके अलावा कंपनी ने शुरुआत में Aakash के संस्थापक Aakash Chaudhry को ₹2.5 करोड़ के CCPS जारी किए थे, जिन्हें बाद में रद्द कर दिया गया।

यह फंडिंग ऐसे समय आई है जब विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के Technology Development Board (TDB) ने हाल ही में Manastu को ऑप्शनली कन्वर्टिबल डिबेंचर के रूप में ₹116 करोड़ देने की घोषणा की है।

कंपनी क्या बनाती है

2017 में Tushar Jadhav और Ashtesh Kumar द्वारा स्थापित Manastu उपग्रहों के लिए ग्रीन प्रोपल्शन सिस्टम विकसित कर रही है। इसके साथ इन-ऑर्बिट रीफ्यूलिंग सिस्टम और ऑर्बिटल भीड़ का जोखिम घटाने वाली डेब्रिस अवॉइडेंस तकनीक भी शामिल है। कंपनी ने हाइड्रोजन पेरोक्साइड पर आधारित अपना ईंधन बनाया है, जिसके बारे में उसका दावा है कि वह हाइड्रेज़ीन जैसे जहरीले पारंपरिक प्रोपेलेंट से 50% बेहतर प्रदर्शन देता है और पर्यावरण के लिए कम हानिकारक है। डेब्रिस अवॉइडेंस सिस्टम उपग्रहों को कक्षा में चलने, अंतरिक्ष मलबे से टकराव टालने, पथ बदलने और जीवनकाल पूरा होने पर डी-ऑर्बिट होने में मदद करता है।

अब तक Manastu कुल 9 मिलियन डॉलर जुटा चुकी है, जिसमें Capital-A, Capital 2B, Indian Angel Network, E2MC और BIG Capital जैसे निवेशक शामिल हैं। अगस्त 2025 में उसने सीरीज A के एक अन्य विस्तार में 3 मिलियन डॉलर जुटाए थे। कंपनी का मुकाबला Bellatrix Aerospace और Dhruva Space जैसी कंपनियों से है। सैटेलाइट प्रोपल्शन का वैश्विक बाजार 17.6% की सालाना चक्रवृद्धि दर से बढ़कर 2031 तक 4.7 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।

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