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भारतीय स्टार्टअप IPO 2026: 17 लिस्ट, 29 ने DRHP दाखिल किया

2026 में अब तक 17 भारतीय न्यू-एज टेक कंपनियां लिस्ट हो चुकी हैं और 29 ने SEBI के पास DRHP दाखिल किया है, पर निवेशक अब मुनाफे पर जोर दे रहे हैं।

Stock market trading screens showing share prices at an Indian exchange as startups list on Dalal Street.
छवि: Inc42 Media

भारतीय स्टार्टअप IPO बाज़ार में 2025 के रिकॉर्ड के बाद 2026 में रफ़्तार और तेज़ दिख रही है। इस साल अब तक 17 न्यू-एज टेक कंपनियां दलाल स्ट्रीट पर लिस्ट हो चुकी हैं, जबकि 29 स्टार्टअप SEBI के पास DRHP दाखिल कर चुके हैं। इसके अलावा 25 से ज़्यादा कंपनियां अपनी IPO योजना को अंतिम रूप देने के अलग-अलग चरणों में हैं।

2025 का रिकॉर्ड और इस साल की लिस्टिंग

2025 में 18 भारतीय स्टार्टअप लिस्ट हुए और उन्होंने सार्वजनिक बाज़ार से रिकॉर्ड ₹41,248 करोड़ जुटाए। इसके पीछे जीडीपी वृद्धि के मज़बूत अनुमान और SEBI के सुधार थे, जैसे DRHP प्रक्रिया का सरल होना और ESOP नियमों में ज़्यादा लचीलापन। डीमैट खातों की संख्या 20 करोड़ के पार पहुंचने से रिटेल निवेशकों की भागीदारी भी बढ़ी।

2026 में ESDS Software Solution, Klassroom, RentoMojo, SEDEMAC, Kissht, LEAP India और Shiprocket की शुरुआत दमदार रही। रक्षा तकनीक कंपनी Tonbo Imaging BSE पर ₹1,162 पर लिस्ट हुई, जो ₹700 के इश्यू प्राइस से 66% प्रीमियम है। वहीं AceVector 5 अक्टूबर को ₹32 के इश्यू प्राइस के मुक़ाबले BSE पर ₹28.30 पर लिस्ट हुई, यानी 11.6% डिस्काउंट पर। Amagi भी ₹361 के इश्यू प्राइस से 12.2% नीचे ₹317 पर लिस्ट हुई।

आगे की राह

पाइपलाइन में Atomberg को SEBI की मंज़ूरी मिल चुकी है, जिसमें ₹450 करोड़ का फ्रेश इश्यू और 7.65 करोड़ शेयर तक का OFS शामिल हो सकता है। Imarticus Learning अगले तीन महीनों में कॉन्फिडेंशियल रूट से ₹1,000 करोड़ के IPO के लिए DRHP दाखिल करने की योजना बना रही है। OYO और Razorpay जैसे यूनिकॉर्न मिलकर 2026 में लगभग ₹20,000 करोड़ जुटा सकते हैं।

हालांकि निवेशकों का रुख़ अब सख़्त होगा। Orios Venture Partners के मैनेजिंग पार्टनर रेहान यार ख़ान के अनुसार, सार्वजनिक बाज़ार के निवेशक पूर्वानुमेय कैश फ्लो, टिकाऊ यूनिट इकोनॉमिक्स और परिचालन अनुशासन को तरजीह देंगे। रिटेल सब्सक्रिप्शन औसतन घट रहा है, FII बिकवाली कर रहे हैं और पश्चिम एशिया का संघर्ष अनिश्चितता बढ़ा रहा है। फिर भी परिपक्व होते बिज़नेस मॉडल और गहरी घरेलू पूंजी के दम पर भारत स्टार्टअप IPO के बड़े केंद्र के रूप में उभर रहा है।

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