Osegi
क्रिप्टो·2 मिनट में पढ़ें

CoinDCX और Delta Exchange India पर ED की छापेमारी, FEMA जांच

प्रवर्तन निदेशालय ने बेंगलुरु में CoinDCX और Delta Exchange India से जुड़े तीन ठिकानों पर छापे मारे। आरोप क्रिप्टो के जरिए अवैध सीमा-पार लेन-देन का है।

Enforcement Directorate officials outside an office building in Bengaluru during searches linked to Indian crypto exchanges.
छवि: Inc42 Media

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने क्रिप्टो एक्सचेंज CoinDCX और Delta Exchange India (DEI) से जुड़े तीन ठिकानों पर छापेमारी की है। एजेंसी के मुताबिक यह कार्रवाई क्रिप्टो डेरिवेटिव और टोकनाइज्ड विदेशी शेयरों से जुड़े कथित अनधिकृत सीमा-पार लेन-देन के मामले में की गई।

ED की बेंगलुरु इकाई ने 4 और 5 नवंबर को शहर में तलाशी ली। यह कार्रवाई FEMA 1999 के तहत Neblio Technologies Pvt. Ltd. (CoinDCX की पैरेंट कंपनी) और Excelium Technologies Pvt. Ltd. (जो Delta Exchange India चलाती है) से जुड़े परिसरों में हुई। एजेंसी का कहना है कि इन लेन-देन की रकम हजारों करोड़ रुपये में है।

ED के आरोप

ED का आरोप है कि दोनों प्लेटफॉर्म ने अधिकृत न होने के बावजूद क्रिप्टोकरेंसी के जरिए स्पॉट ट्रेडिंग, फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) और विदेशी कंपनियों के टोकनाइज्ड शेयरों की ट्रेडिंग उपलब्ध कराई। एजेंसी के अनुसार CoinDCX ने इन उत्पादों का प्रचार भी किया।

जांच एजेंसी का दावा है कि यूजर्स के रुपये स्टेबलकॉइन, मुख्यतः USDT, में बदले गए और फिर Binance, KuCoin, Gate.io और Bybit जैसे विदेशी प्लेटफॉर्म पर भेजे गए। ED के मुताबिक इससे सीमा-पार धन हस्तांतरण के विदेशी मुद्रा नियमों को दरकिनार किया गया। स्पॉट ट्रेड के लिए कोस्टा रिका की एक इकाई के नाम पर खोला गया खाता इस्तेमाल हुआ, जिसे ED ने "पेपर एंटिटी" बताया। टोकनाइज्ड शेयरों की ट्रेडिंग कथित तौर पर विदेशी प्लेटफॉर्म Hyperliquid के जरिए हुई। ED का यह भी आरोप है कि CoinDCX ने विदेशी प्लेटफॉर्म को सैकड़ों करोड़ रुपये की ट्रांजैक्शन फीस स्टेबलकॉइन में चुकाई, और Delta Exchange India ने विदेशी सहयोगी इकाइयों को सैकड़ों करोड़ रुपये भेजे।

कंपनियों का पक्ष

CoinDCX ने अब तक कोई बयान जारी नहीं किया है। Delta Exchange India ने X पर कहा कि उसने अधिकारियों के साथ पूरा सहयोग किया और मांगी गई जानकारी दी। कंपनी के मुताबिक वह किसी भी रूप में VDA के सीमा-पार हस्तांतरण में शामिल नहीं है।

ED का कहना है कि दोनों एक्सचेंजों के उत्पाद प्रथम दृष्टया Securities Contracts (Regulation) Act 1956, SEBI Act 1992 और RBI Act 1934 के नियमों का उल्लंघन प्रतीत होते हैं। जांच जारी है। कुछ दिन पहले ही ED ने Mudrex, Saber.money, Instadapp और Fluid के खिलाफ 4,940 करोड़ रुपये से अधिक के कथित लेन-देन पर FEMA जांच शुरू की थी, जबकि जून में पांच प्लेटफॉर्म से जुड़े छह ठिकानों पर छापे पड़े थे।

देखने लायक ऐप्स

SUMO: नंबर पज़ल

सही खाने चुनें, जोड़ें, लक्ष्य तक पहुँचें। सीखना आसान, महारत मुश्किल। मुफ़्त, हर उम्र के लिए।

Dialo: बोलकर भाषाएँ सीखें

AI बातचीत साथी से बात करें; हर वाक्य सुधरकर आपकी भाषा में समझाया हुआ लौटता है। 9 भाषाएँ, A1 से C2 तक।

giftdetect: मिनटों में सही तोहफ़ा

चुनें किसके लिए, किस मौके पर और कैसा स्वभाव। सर्च इंजन स्थानीय दुकानों के उत्पाद विवरण पढ़कर सबसे उपयुक्त विकल्प ऊपर रखता है। मुफ़्त, बिना साइन-अप।

टैग:coindcxdelta exchangeenforcement directoratefemaindia cryptotokenised stocks

इसी दिन की और ख़बरें

सभी देखें →

और पढ़ें:: क्रिप्टो

सभी देखें →