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Docterz ने जुटाए ₹5 करोड़, करीब 60% रकम अपने डॉक्टर-यूज़र्स से

मुंबई की हेल्थटेक स्टार्टअप Docterz ने करीब 35 निवेशकों से ₹5 करोड़ जुटाए हैं। इनमें लगभग 20 डॉक्टर-यूज़र्स ने करीब ₹3 करोड़ लगाए हैं।

A paediatrician at a clinic desk using clinic management software on a laptop while a parent and child wait nearby.
छवि: Inc42 Media

मुंबई की हेल्थटेक स्टार्टअप Docterz ने करीब 35 निवेशकों से ₹5 करोड़ की फंडिंग जुटाई है। कंपनी के मुताबिक इसमें से लगभग 60%, यानी करीब ₹3 करोड़ की रकम उन करीब 20 डॉक्टरों ने लगाई है, जो पहले से इसके प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। निवेशकों में Sugar Cosmetics की विनीता सिंह और CaratLane के अविनाश आनंद भी शामिल हैं।

क्लिनिक का पूरा कामकाज एक जगह

Docterz की स्थापना एक दशक से भी पहले प्रैक्टिसिंग बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अतिश लड्डड ने की थी। कंपनी डॉक्टरों, क्लिनिक और हेल्थकेयर संगठनों के लिए EMR और क्लिनिक-मैनेजमेंट सॉफ़्टवेयर देती है। इसमें अपॉइंटमेंट, रिकॉर्ड, प्रिस्क्रिप्शन, बिलिंग, टीकाकरण प्रबंधन और मरीज़ों से जुड़ाव के टूल शामिल हैं। प्लेटफ़ॉर्म डॉक्टरों के प्रिस्क्रिप्शन पैटर्न पर AI-आधारित सिस्टम को ट्रेन करता है, ताकि सुझाव देना आसान हो।

डॉक्टर मरीज़ों के साथ आसान भाषा में मेडिकल जानकारी साझा कर सकते हैं। साथ ही वैक्सीन इन्वेंट्री, एक्सपायरी की तारीख़ और मेडिकल सप्लाई के उपयोग पर नज़र रखने के टूल भी हैं। मरीज़ों के लिए WhatsApp आधारित असिस्टेंट है, जिससे अलग ऐप डाउनलोड किए बिना अपॉइंटमेंट बुक करना, क्लिनिक में लाइव वेटिंग टाइम देखना, मेडिकल रिकॉर्ड और पुरानी अपॉइंटमेंट देखना संभव है।

आगे की योजना

नई पूंजी का इस्तेमाल ऑर्गेनिक ग्रोथ, अधिग्रहणों की संभावना तलाशने और डॉक्टरों के लिए व्यावहारिक AI टूल बनाने में होगा। इनमें डॉक्यूमेंटेशन, प्रशासनिक वर्कफ़्लो और प्रैक्टिस-डेटा विश्लेषण शामिल हैं। कंपनी देशभर के स्वतंत्र डॉक्टरों और छोटे क्लिनिकों तक पहुंचना चाहती है और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के साथ इंटीग्रेशन भी मज़बूत करेगी।

डॉ. धनंजय सांगले जैसे कुछ निवेशक-यूज़र कई सालों से प्लेटफ़ॉर्म इस्तेमाल कर रहे हैं। मौजूदा यूज़र्स का निवेश उत्पाद की स्वीकार्यता का संकेत है, लेकिन असली चुनौती इस भरोसे को व्यापक अपनाव में बदलना है। इसके लिए ज़्यादा डॉक्टरों को अपने रिकॉर्ड और वर्कफ़्लो प्लेटफ़ॉर्म पर लाने होंगे, और AI टूल्स का मूल्य इस पर निर्भर करेगा कि वे मौजूदा कामकाज में कितनी सहजता से बैठते हैं और मरीज़ों का डेटा कितनी ज़िम्मेदारी से संभाला जाता है।

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